अवनीश कुमार, यमुनानगर

अब मरीजों को सस्ती दवाइयां आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। प्रदेश सरकार ने सभी सिविल अस्पतालों व सीएचसी पर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। इन केंद्रों पर सभी प्रकार की बीमारियों की जेनेरिक दवाइयां मिलेगी। अब तक प्रदेश के केवल पांच मेडिकल इंस्टीट्यूट में ही यह केंद्र खुले हुए थे। इसके अलावा 168 निजी स्थानों पर यह केंद्र खुले थे। मरीजों की सुविधा को देखते हुए ही अब इस योजना का विस्तार किया गया है।

मरीजों को सस्ता व सुलभ इलाज देने के तहत ही मोदी सरकार ने एक जुलाई 2015 को प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाइयों के दाम बाजार मूल्य से कम किए गए। इसके तहत ही केंद्र खोले गए। इन पर लोगों को 30 से 50 प्रतिशत तक सस्ती दवाइयां दी जा रही हैं।

इस तरह के केंद्र खुलने से सबसे अधिक फायदा उन मरीजों को हो रहा है, जिन्हें लंबे समय तक दवाइयां नियमित खानी है। ऐसे में वह महंगी दवाइयों के स्थान पर जेनेरिक दवाइयां ले सकते हैं। अब सभी सरकारी अस्पतालों की बिल्डिंग में होंगे केंद्र :

प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के बारे में अभी तक सभी लोगों को अधिक जानकारी नहीं है, जिसका फायदा दूसरे मेडिकल स्टोर उठाते हैं। यमुनानगर की बात करें, तो यहां पर केवल दो ही जन औषधि केंद्र हैं। सरकारी अस्पतालों की बिल्डिग में भी केवल कल्पना चावला मेडिकल इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम, खानपुर व पंचकूला में यह केंद्र हैं।

सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि अब सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों की बिल्डिग में जन औषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। इस संबंध में आदेश भी मिल चुके हैं। इन केंद्रों पर मरीजों को गंभीर बीमारियों समेत अन्य छोटी बीमारियों की भी सस्ती दवाइयां मिलेगी।

Posted By: Jagran

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