जागरण संवाददाता, यमुनानगर :

डंपर चालकों की पिटाई से मरे राजपुर के पूर्व सरपंच ऋषिपाल के बेटे तरुण के हत्यारोपितों का पता पुलिस नहीं लगा सकी। परिवार के लोग कई बार साढौरा पुलिस से मिल चुके हैं, लेकिन उन्हें को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बुधवार को परिवार के लोगों के साथ चार गांव के प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिलने पहुंचा। उन्होंने आरोपितों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की।

गत 28 नवंबर को असगरपुर-गिलोडी रोड पर जख्मी हालत में 22 वर्षीय तरुण मिला था। परिवार के लोग उसे गंभीर हालत में अस्पताल में लेकर पहुंचे। पंचकूला के निजी अस्पताल में 30 नवंबर को उसकी मौत हो गई। साढौरा थाने में मृतक के चाचा महेंद्र ने हिमाचल प्रदेश के नाहन जिले के जबला का बाग निवासी रोहित, अभिषेक व चार-पांच अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था।

बुधवार को एसपी कार्यालय में पहुंचे लाहडपुर के पूर्व सरपंच सुरेश कुमार, गिलौडी के पूर्व सरपंच जयकुमार, राजपुर के सरपंच चमनलाल, अमरनाथ नंबरदार, प्रेमचंद नंबरदार, मिटू सैनी ने बताया कि घटना को एक सप्ताह हो चुका है, लेकिन अभी तक हत्यारोपित नहीं पकड़े गए। कई बार थाने में भी पुलिस से मिले, लेकिन वहां से भी कोई पता नहीं लग रहा। इसलिए ही एसपी से मिलने के लिए आए हैं। यदि जल्द ही आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

वहीं साढौरा थाना प्रभारी रतन लाल का कहना है कि कई संदिग्धों से पूछताछ की गई है। हमारी टीम केस के खुलासे में लगी है। जल्द ही इस केस को सुलझा लिया जाएगा।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप