जेएनएन, बिलासपुर (यमुना नगर)। इंडो-तिब्बतियन बार्डर पुलिस (आइटीबीपी) जवान की पत्नी से सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीडि़त  पुलिस थाने के चक्कर काटती रही, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पहले गांव में ही मामला निपटाने के लिए पंचायत की गई। पंचायत के फैसले को महिला ने नहीं माना। उसने पति से आपबीती बताई तो उसके पति ने गृह मंत्रालय में शिकायत की।

गृह मंत्रालय से फटकार के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और चार लोगोंं के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इनमें से दो अभियुक्तों नाजिर और कासिम को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने नाजिर और कासिम को दो दिन की रिमांड पर लिया गया है।

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार महिला का पति पंचकूला में नियुक्त है। फिलहाल उनकी तैनाती दिल्ली में है। वह घर पर दो बच्चों के साथ रहती है। 5 अगस्त की रात करीब 11 बजे नाईवाला के काला ने फोन कर घर से बाहर आने के लिए कहा। मना करने पर काला ने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। इस पर महिला ने दरवाजा खोल दिया। उसके साथ नाईवाला का ही नाजिर और गांव बूढ़ी के कासिम और माजिद भी थे।

महिला के मुताबिक चारों ने उसके घर में घुसकर सामूहिक दुष्कर्म किया। अगले दिन फिर रात को 11 बजे महिला के पास एक फोन आया। उसने फोन नहीं उठाया तो नाजिर उसके घर पर आ गया। उसने आवाज लगाई, लेकिन महिला ने गेट नहीं खोला। नाजिर दरवाजे को तोड़ने की धमकी देने लगा। डर के कारण महिला ने गेट खोल दिया।

नाजिर दरवाजे खोलते ही अंदर घुस गया और साथ न चलने पर गोली मारने की धमकी दी। वह महिला को बाइक पर बैठाकर एक सुनसान जगह पर बनी झोपड़ी में ले गया। वहां पर चार पांच आदमी थे। उन्होंने महिला के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। सुबह करीब तीन बजे नाजिर का एक साथी महिला को परिवार खत्म करने की धमकी देकर घर पर छोड़ गया।

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Posted By: Kamlesh Bhatt