जागरण संवाददाता, यमुनानगर : श्री पा‌र्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर ब्रह्मण चौक के सभागार में तीन लोक के सिद्धों की आराधना के लिए अष्टाहिनका पर्व के अवसर पर आठ दिवसीय सिद्ध चक्र महामंडल विधान का भव्य आयोजन किया। अभिषेक, शांतिधारा, पूजा प्रक्षाल, विश्व शांति महायज्ञ के बाद विधान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंदिर प्रधान नरेंद्र कुमार जैन कर रहे है। संचालन सुशील जैन और गौरव जैन कर रहे हैं। मुख्य अतिथि के रूप में समाज रत्न पद्मभूषण दर्शन लाल जैन और व्रती पुरुषोत्तम दास जैन उपस्थित रहे। नरेंद्र जैन ने बताया कि सौधर्म इंद्र दिनेश जैन, कुबेर जितेंद्र जैन, यज्ञनायक सुभाष जैन और प्रवीण जैन, चक्रवति अनुभव जैन, गौरव जैन, अश्वनी जैन, राजीव जैन, राजेन्द्र जैन, अजय जैन, संदीप जैन, राकेश जैन, अनिल जैन, विपिन जैन, अंशुल जैन, रमन जैन और सुशील जैन आदि मुख्य पात्र भूमिका निभा रहे हैं। ब्रह्मचारिणी सुनीता ने अपने प्रवचन में कहा कि सिद्ध चक्र विधान में भक्ति और अध्यात्म का अनूठा संगम है। उनके अनुसार विधान में सिद्धों की श्रेणी में शामिल होने के लिए नियम, उपाय आदि बताए गए हैं। जैन धर्म में अष्टाहिनका पर्व के अवसर पर आठ दिन के लिये इस प्रकार के पाठ थापे जाते है। उन्होंने कहा कि कार्तिक, फाल्गुन और आषाढ़ के अंतिम आठ दिनों में यह पर्व मनाया जाता है। शैलबाला जैन, कोकेश जैन, राजबाला जैन, विभा जैन, शिखा जैन, रितिका जैन, मंजूषा जैन, नीरु जैन, मंजू जैन, संतोष जैन, हितैशी जैन, प्रतिभा जैन, रेखा जैन, अर्चना जैन, सुनीता जैन, मीनू जैन, राधा जैन, नीरा जैन व रूबी जैन आदि उपस्थित रहे। इस अवसर पर सुरेश कुमार जैन और देवेंद्र कुमार जैन विशेष सहयोग कर रहे है।

Posted By: Jagran

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