जागरण संवाददाता, यमुनानगर : नाहरपुर के सफीक अहमद की जेसीबी को उसके रिश्तेदार तनवीर अहमद ने किसी और को बेच दिया। इसका पता लगने पर वह रिश्तेदारों के साथ आरोपित के घर पहुंचा। उसके बाद पांच-छह बार पंचायत हुई। पहले तो पैसे वापस देने का आश्वासन देता रहा, लेकिन बाद में उसे धमकी देने लगा। पीड़ित ने एसपी को शिकायत दी थी। इकोनॉमिक सेल से जांच के बाद जठलाना थाने में केस दर्ज हुआ है।

सफीक अहमद जेसीबी चलाता है। उसने 2011 में जींद से पुरानी जेसीबी खरीदी। तीन साल तक मशीन चलाने के बाद उसने नई लेने की योजना बनाई। कंपनी ने पुरानी मशीन की साढ़े चार लाख रुपये कीमत लगाई, शेष कीमत का लोन करा लेने की सलाह दी। जब वह मैगमा फाइनेंस कंपनी में इस बाबत गया, तो उसका कोई ट्रैक रिकॉर्ड न होने से लोन पास नहीं हो सका। सफीक की पत्नी के मामा करनाल के उचाना गांव के तनवीर अहमद की कंस्ट्रक्शन कंपनी है। उसने लोन अपने नाम से कराने के लिए कह दिया। 16 लाख 22 हजार का लोन पास होने के बाद जेसीबी सफीक को मिल गई। इस बीच वह लोन की किस्तें तनवीर के पीएनबी के अकाउंट में जमा कराता रहा।

2016 में तनवीर ने बेच दी मशीन

2016 में सफीक को टाइफाइड हो गया था। उस दौरान तनवीर हरिद्वार में ठेका लेने की बात कह जेसीबी लेकर गया। आरोप है कि उसने हिमाचल प्रदेश के पोंटा साहिब के मतरालियो के वाहिद को यह मशीन बेच दी। इसका पता लगने पर सफीक रिश्तेदारों को लेकर आरोपित के घर पहुंच गया। पंचायत में वह पैसे देने की हामी भरता रहा। इस तरह से कई माह गुजर गए। बाद में आरोपित मुकर गया। जिस पर 23 सितंबर, 2017 को एसपी को शिकायत दी गई थी। जठलाना थाना प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि इस शिकायत पर इकॉनॉमिक सैल से जांच के बाद केस दर्ज करने के आदेश मिले थे।

Posted By: Jagran

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