संवाद सहयोगी, जगाधरी: नालों की अधूरी सफाई बरसात के दौरान शहरवासियों को भारी पड़ेगी। सबसे ज्यादा खामियाजा रामलीला भवन के आसपास रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ेगा। नगर निगम के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि नालों की सफाई में लगी दो टीमों (प्रत्येक में 25-25 कर्मचारी) ने सभी नालों साफ कर दिए। रामलीला भवन के पास पांच फीट गहरा नाले में गाद की वजह से ऊपर तक पानी भरा हुआ है। आलम यह है कि पानी में बहाव भी नहीं है।

क्षेत्रवासी लखविद्र, सुरेंद्र सिंह, मुखत्यार सिंह का कहना है कि रामलीला भवन के पास नाले में डाइवर्जन है। गाद की वजह से नाला ऊपर तक गंदें पानी से भरा हुआ है। रामलीला भवन क्षेत्र में नाले पर अवैध कब्जों की भी भरमार है। जिस कारण नाले की सफाई सही प्रकार से नहंीं हो पाती। जरा सी बरसात आते ही नाला ओवरफ्लो हो जाता है। गंदा पानी सड़कों पर बहता देखा जा सकता है। जब पानी को निकासी नहीं मिलती, तो वह आसपास क्षेत्र में रह रहे लोगों के घरों व दुकानों में घुस जाता है। क्षेत्र के लोग घरों में पानी घुसने का दंश पिछले कई दशकों से झेल रहे हैं। लेकिन प्रशासनिक व नगर निगम अधिकारियों ने आज तक क्षेत्र की सुध नहीं ली है। नालो किनारे छोड़ दी निकाली हुई गाद

शहर में नालों की सफाई का काम तो जोर शोर से चल रहा है। लेकिन नालों से निकाली गई गाद को किनारों पर भी छोड़ दिया गया है। समय पर उठान होने पर बरसात के दौरान गाद नाले में चली जाएगी। जिससे कर्मचारियों की पूरी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। शहरवासियों का कहना है कि कई जगहों पर गाद व कीचड़ पूरी सड़क पर फैल गया है। जिस कारण लोगों का वहां से निकालना भी दूभर हो रहा है। कर्मचारियों को सफाई करने की दी हिदायत

नगर निगम जगाधरी कार्यालय के सेनेटरी इंस्पेक्टर अमित कांबोज का कहना है कि नालों की सफाई में लगी टीमों को सही प्रकार से सफाई करने की हिदायत दी गई है। साथ ही नालों से निकाली गई गाद को समय पर उठान के लिए कहा गया है। बरसात से पहले सभी नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी। जिन क्षेत्रों में ज्यादा दिक्कतें हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर सफाई करवाई जाएगी।

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