जागरण संवाददाता, यमुनानगर : पुत्रवधू सीमा व ससुर सतपाल के बीच चल रहे विवाद में तारीख से पहले ही फैसला देने का आरोप एडीसी रणजीत कौर पर लगा है। इस मामले में सीमा ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने इसे बेहद गंभीर माना। मामले में सेशन जज से पूरी जांच कर एक माह में रिपोर्ट मांगी गई है। सीमा पक्ष के अधिवक्ता अतुल गोयल ने बताया कि एडीसी ने सीमा को सुनवाई के लिए 14 सितंबर की तारीख दी थी, लेकिन 10 सितंबर को ही बेदखली के आदेश जारी कर दिए। दस्तावेजों में भी हेरफेर की गई। प्रोफेसर कालोनी निवासी सतपाल की रेडीमेड गारमेंट की दुकान हैं। उनके बेटे अश्विनी अरोड़ा की करीब चार साल पहले मौत हो गई थी। उसकी मौत के बाद सतपाल का पुत्रवधु सीमा के साथ मकान पर कब्जे को लेकर विवाद हो गया था। इस मामले में सतपाल ने सीनियर सिटीजन के तहत डीसी के पास दावा डाला था। वहां से केस सुनवाई के लिए एडीसी रणजीत कौर के पास पहुंचा था। जहां इस केस की सुनवाई हो रही थी। केस की सुनवाई में तारीख नहीं देने का आरोप : इस केस में सीमा पक्ष को सुनवाई के लिए नहीं बुलाया जा रहा था। उसे तारीख नहीं दी जा रही थी। जिस पर नौ सितंबर को सीमा अपने अधिवक्ता के साथ एडीसी के पास गई थी। जहां अधिवक्ता ने सुनवाई के लिए तारीख मांगी थी। काफी कोशिश के बाद 14 सितंबर की तारीख सुनवाई के लिए दी गई थी, लेकिन इस तारीख से पहले ही 10 सितंबर को दस्तोवजों में हेरफेर कर बेदखली कर दी गई और फैसला सतपाल के हक में सुना दिया गया। जिस पर सीमा ने हाईकोर्ट में शरण ली। हाईकोर्ट में सीमा ने अधिवक्ता के माध्यम से सभी दस्तावेज रखे। जिस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और पूरे मामले की जांच सेशन जज से कराने के आदेश दिए हैं।

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