जागरण संवाददाता, यमुनानगर : वैसे तो सभी मतदाताओं के पास वोटर कार्ड हैं। फिर भी किसी का वोटर कार्ड नहीं बना है या फिर गुम हो गया है तो वो 11 पहचान पत्र दिखाकर भी वोट डाल सकता है। निर्वाचन आयोग ने इन पहचान पत्रों को मान्य किया है। ऐसे में कोई भी अधिकारी वोटर कार्ड दिखाने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। इसके लिए वोटर का मतदाता सूची में नाम दर्ज होना आवश्यक है।

ये दस्तावेज ले जा सकते हैं साथ

जिला निर्वाचन अधिकारी मुकुल कुमार ने बताया कि 11 पहचान पत्रों में पासपोर्ट, ड्राइविग लाइसेंस, केंद्र, राज्य सरकार या पब्लिक लिमिटेड कंपनी द्वारा कर्मचारी को दिए गए आई कार्ड, बैंक व डाकघर से जारी फोटो युक्त पास बुक, पैन कार्ड, एनपीआर के तहत आरजीआइ से जारी स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटो युक्त पेंशन दस्तावेज, सांसद, विधायकों और एमएनसी को जारी किए गए अधिकारिक पहचान पत्र तथा आधार कार्ड शामिल है। वोटर हेल्पलाइनन नंबर 1950 पर कॉल करके कोई भी नागरिक अपनी वोट चैक कर सकता है।

प्रचार सामग्री बांटने पर भी प्रतिबंध

21 अक्टूबर से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार 19 अक्टूबर की शाम पांच बजे बंद हो जाएगा। इसके बाद कोई प्रत्याशी कहीं न तो जनसभा कर पाएगा। न उसमें शामिल हो सकेगा। इतना ही नहीं किसी तरह की चुनावी सामग्री को सिनेमा घरों, टेलीविजन या अन्य उपकरणों के माध्यम से प्रदर्शित कर पाएगा। मतदाताओं को आकर्षित करने की दृष्टि से सांस्कृतिक कार्यक्रम, थियेटर कार्यक्रम, अन्य मनोरंजक कार्यक्रमों और विज्ञापन के माध्यम से चुनाव प्रचार नहीं कर सकेंगे।

Posted By: Jagran

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