हरियाणा में 500 करोड़ रुपये का भुगतान अटका, मिलर्स के रजिस्ट्रेशन पर धान की खरीद-उठान पर संकट
हरियाणा में धान की सरकारी खरीद पर संकट गहरा गया है, क्योंकि मिलर्स के 500 करोड़ रुपये से अधिक के ...और पढ़ें

हरियाणा में 500 करोड़ रुपये का भुगतान अटका (फाइल फोटो)
HighLights
मिलर्स के 500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित
पंजीकरण और एग्रीमेंट में देरी से धान उठान प्रभावित
कई मंडियों में धान में नमी अधिक, खरीद रुकी
संजीब कंबोज, यमुनानगर। अनाज मंडियों में धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है, लेकिन खरीदी गई फसल के उठान पर मिलर्स के रजिस्ट्रेशन और एग्रीमेंट का संकट भारी पड़ रहा है। प्रदेश में करीब 1400 मिलर्स में से 590 ने आवेदन किया है, जबकि 215 के ही रजिस्ट्रेशन पूरे हुए हैं। वहीं मिलर्स का 500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित है।
इसका असर मंडियों में धान की खरीद और उठान पर पड़ रहा है। यमुनानगर, कैथल, जींद, करनाल, फतेहाबाद और सिरसा में ही करीब 1.95 लाख एमटी धान की आवक हो चुकी है। कई मंडियों में अधिक नमी की वजह से भी खरीद नहीं हो पा रही है।
मिलर्स खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, स्टेट वेयरहाउस और हैफेड के साथ सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) का काम करते हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर मिलर्स का कोई बकाया नहीं बताया जा रहा, लेकिन स्टेट वेयरहाउस और हैफेड पर करीब 500 करोड़ रुपये का भुगतान दो साल से लंबित है। इसमें सीएमआर मिलिंग के अलावा अनलोडिंग और स्टेकिंग का भुगतान भी शामिल है। दो साल से बोनस का भुगतान भी नहीं हुआ।
इसके चलते मिलर्स ने नो रजिस्ट्रेशन और नो एग्रीमेंट का निर्णय लिया है। यमुनानगर में 185 मिलर्स हैं और करीब 100 करोड़ रुपये बकाया बताया जा रहा है। मिलर्स का कहना है कि रजिस्ट्रेशन और एग्रीमेंट की प्रक्रिया में भी चार-पांच दिन लगते हैं।
यमुनानगर में 35 एमटी धान खरीदा गया
यमुनानगर में अब तक 35 एमटी धान खरीदा गया है। कैथल में बुधवार तक 50 हजार क्विंटल आवक हो चुकी है, जबकि खरीद 427 एमटी हुई। यहां धान में नमी 22 प्रतिशत मिली, जबकि खरीद के लिए 17 प्रतिशत नमी जरूरी है। जींद में 7,508 क्विंटल आवक हुई और उचाना में 80 क्विंटल खरीद हुई, अन्य मंडियों में मिलर्स के पंजीकरण के अभाव में खरीद प्रभावित है।
करनाल में 200 में से 70 मिलर्स पंजीकृत हैं। यहां मिलर्स के पास 1.06 लाख एमटी चावल है और 15 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। फतेहाबाद में 20 हजार क्विंटल धान मंडियों में पहुंच चुका है, लेकिन 24 प्रतिशत नमी के कारण खरीद नहीं हो पाई।
डीसी डॉ. विवेक भारती ने फतेहाबाद, भूना और रतिया मंडियों का निरीक्षण किया। वसिरसा में 72 में से 24 मिलर्स की सीएमआर प्रक्रिया शुरू हुई है। यहां 1,080 एमटी पीआर धान पहुंचा है, लेकिन अधिक नमी के कारण खरीद रुकी हुई है।
1400 राइस मिलर्स करते सीएमआर का काम
प्रदेश में करीब 1400 राइस मिलर्स कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) का काम करते हैं। इनमें करीब 590 ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है, जबकि 215 का पंजीकरण पूरा हो चुका है।
बोनस, भंडारण व जांच में पारदर्शिता की मांग
राइस मिलर्स एवं डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने 2024-25 का बोनस जल्द जारी करने, नए सीजन में 100 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग की। साथ ही एफसीआइ में पर्याप्त भंडारण व्यवस्था, आइपीआर चावल में ब्रोकन की समस्या का समाधान व मंडियों में नमी, डैमेज, डिसकलर व ब्रोकन की जांच निर्धारित मानकों अनुसार पारदर्शी तरीके से कराने की मांग रखी।
