विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मां के घरेलू नुस्खे को हरियाणा की बेटियों ने बनाया कारोबार, ऑस्ट्रेलिया के बाद इटली तक पहुंचा हर्बल सामान

Published: Sun, 13 Sep 2026 05:16 AM (GMT+05:30)

यमुनानगर की चार छात्राओं ने अपनी मां के घरेलू हर्बल नुस्खे को 'हरवोल' ब्रांड के तहत एक सफल व्यवसाय में ...और पढ़ें

मां के घरेलू नुस्खे को हरियाणा की बेटियों ने बनाया कारोबार। फोटो जागरण

मां के घरेलू नुस्खे को हरियाणा की बेटियों ने बनाया कारोबार। फोटो जागरण

HighLights

  1. चार छात्राओं ने मां के हर्बल नुस्खे को व्यवसाय बनाया।

  2. कुशल बिजनेस चैलेंज में 1 लाख रुपये का पुरस्कार जीता।

  3. 'हरवोल' उत्पाद न्यूयॉर्क और इटली तक पहुंच रहे हैं।

धर्मवीर, छछरौली (यमुनानगर)। असगरपुर गिलोडी गांव की चार छात्राओं ने मां के घरेलू नुस्खे को बिजनेस आइडिया में बदलकर कारोबार शुरू कर दिया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल लाहरपुर की कक्षा 12वीं की रेणुका, सिया, नैन्सी व दिव्या ने मिलकर हरवोल नाम से हर्बल शैंपू, तेल व सीरम तैयार किए हैं।

इस हर्बल सामान बनाकर छात्राएं कुशल बिजनेस चैलेंज में टीम स्कूल, खंड व जिला स्तर पर प्रथम रहीं। वहीं, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में टाप-10 में जगह बनाकर एक लाख रुपये का पुरस्कार जीता।

नवंबर 2025 में अध्यापिका कंवलजीत ने छात्राओं को कुशल बिजनेस चैलेंज की जानकारी दी। सिया ने मां रीना देवी द्वारा घर पर तैयार किए जाने वाले हर्बल उत्पाद के बारे में बताया। इसके बाद चारों सहेलियों ने इसे व्यावसायिक रूप देने का निर्णय लिया।

शुरुआत बिना केमिकल के हर्बल शैंपू से की। अच्छा रिस्पांस मिलने पर हेयर सीरम व हर्बल हेयर आयल भी तैयार किया। अब टीम हर्बल मेहंदी तैयार करने पर काम कर रही हैं।

अध्यापक मान सिंह ने बताया कि एनएसक्यूएफ के तहत कौशल आधारित शिक्षा के दौरान छात्राओं को बिजनेस आइडिया आगे बढ़ाने का अवसर मिला। वे पढ़ाई के साथ रोजाना करीब एक घंटा कारोबार को देती हैं। अध्यापक कैलाश चंद ने बताया कि छात्राएं पढ़ाई में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।

पुरस्कार राशि भी कारोबार में लगाई

जिला स्तर पर मिले 25 हजार व प्रदेश स्तर पर मिले 75 हजार रुपये की पुरस्कार राशि छात्राओं ने कारोबार बढ़ाने में लगा दी। पहले उत्पाद घर पर तैयार होते थे, अब छोटी दुकान लेकर काम शुरू किया है। नैन्सी ने बताया कि नवंबर में पहली बार तेल तैयार कर शिक्षकों को बेचा। बाद में गांवों में बैठकें कर लोगों को उत्पाद की जानकारी दी। स्थानीय दुकानों व इंस्टाग्राम के जरिये आर्डर मिल रहे हैं।

तेल में इस्तेमाल कर रहे यह सामग्री

तेल में कलौंजी, मेथी, भृंगराज, मुलेठी और करी पत्ता सहित प्राकृतिक सामग्री इस्तेमाल होती है। सामग्री को कूटकर धीमी आंच पर तेल में पकाया जाता है। ठंडा कर बोतलों में पैक किया जाता है। शैंपू 150 रुपये प्रति पैक है और छात्राओं के अनुसार करीब 50 प्रतिशत लाभ मिल रहा है।

बेटी ने नुस्खे को दिया स्टार्टअप का रूप

रीना देवी पहले अपने इस्तेमाल के लिए हर्बल तेल बनाती थीं। आसपास की महिलाओं को भी इसकी जानकारी देती थीं। बेटी ने इसी नुस्खे को स्टार्टअप का रूप दिया। नैन्सी ने बताया कि सोशल मीडिया पर ‘हरवोल’ का अकाउंट बनाया गया। करीब तीन महीने बाद पहला आर्डर न्यूयार्क से और फिर इटली से मिला। विदेशी ग्राहकों ने भी उत्पाद की सराहना की।