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आयुष्मान योजना में हरियाणा के 480 अस्पतालों के फंसे 1200 करोड़ रुपये, 16 सितंबर से सेवा बंद की चेतावनी

Published: Fri, 28 Aug 2026 11:48 AM (IST)

हरियाणा के 480 अस्पतालों के आयुष्मान योजना के 1200 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान छह माह से लंबित हैं।

80 अस्पतालों के लगभग 1200 करोड़ रुपये फंसे (फाइल)

80 अस्पतालों के लगभग 1200 करोड़ रुपये फंसे (फाइल)

HighLights

  1. हरियाणा के 480 अस्पतालों के 1200 करोड़ रुपये आयुष्मान योजना में फंसे।

  2. अस्पतालों के क्लेम भुगतान छह माह से अधिक समय से लंबित।

  3. आइएमए ने 16 सितंबर से आयुष्मान सेवाएं पूरी तरह बंद करने की चेतावनी।

जागरण संवाददाता, यमुनानगर। आयुष्मान योजना में प्रदेश के करीब 480 अस्पतालों के लगभग 1200 करोड़ रुपये फंस गए हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के मुताबिक अस्पतालों द्वारा किए यह क्लेम भुगतान छह माह से अधिक समय से अटके हैं। इससे अस्पताल संचालकों में रोष है। इस पर आइएमए ने आयुष्मान हरियाणा के सीईओ को पत्र भेज लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की, वहीं एक सितंबर को 24 घंटे का सांकेतिक बंद और 16 सितंबर को सेवाएं पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी।

आइएमए के अनुसार आयुष्मान के क्लेम का भुगतान 15 दिन में करने की समय-सीमा तय है, पर अस्पतालों के क्लेम छह माह से अधिक समय से अटके हैं। इससे अस्पतालों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।

कई अस्पतालों के लिए आयुष्मान के मरीजों का इलाज जारी रखना मुश्किल हो रहा है। हाल ही में आर्थिक संकट के चलते एक अस्पताल के बंद होने का भी दावा भी आइएमए ने किया।

आइएमए ने पत्र में स्पष्ट किया है कि एक सितंबर को रात 12 बजे से 24 घंटे तक आयुष्मान सेवाएं सांकेतिक रूप से बंद रखी जाएंगी। इसके बाद भी यदि लंबित भुगतान को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 16 सितंबर की रात 12 बजे से आयुष्मान सेवाएं पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी।

सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर करे लंबित क्लेम भुगतान

आइएमए की राज्य प्रधान डा. सुनीला सोनी ने कहा कि प्रदेश के 480 अस्पतालों के लगभग 1200 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर अस्पतालों के लंबित क्लेम का भुगतान करना चाहिए, ताकि मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े और आयुष्मान योजना की सेवाएं बाधित होने से बच सकें। उन्होंने कहा कि अस्पतालों के लिए भविष्य में क्लेम के समय पर भुगतान की स्थायी व्यवस्था भी जरूरी है।