हरियाणा में 100 करोड़ रुपये में बदलेगी आवर्धन नहर की सूरत, 15 कार्यों को पूरा करने के लिए टेंडर आमंत्रित
आर्वधन नहर के 15 अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें हमीदा हेड पर 6000 क्यूसेक क्षमता का हेड स्ट्रक्चर भी शामिल है।

100 करोड़ रुपये में बदलेगी आवर्धन नहर की सूरत (File Photo)
HighLights
आर्वधन नहर के 15 अधूरे कार्यों पर 100 करोड़ खर्च होंगे
हमीदा हेड पर 6000 क्यूसेक क्षमता का हेड स्ट्रक्चर बनेगा
नई एजेंसियां दक्षिण हरियाणा को अतिरिक्त पानी पहुंचाएंगी
संजीव कांबोज, यमुनानगर। दक्षिण हरियाणा को अतिरिक्त पानी पहुंचाने के उद्देश्य से आर्वधन नहर के नवीनीकरण का अधूरा कार्य अब नई एजेंसियों के माध्यम से पूरा कराया जाएगा।
इसके लिए हमीदा हेड पर छह हजार क्यूसेक क्षमता का हेड स्ट्रक्चर बनाने समेत कुल 15 कार्यों के टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। इन कार्यों पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इनमें पांच कार्य यमुनानगर और 10 करनाल सिंचाई विभाग के अंतर्गत आते हैं। लंबे समय से लटकी इस परियोजना के करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि पुलों सहित कई महत्वपूर्ण कार्य अभी अधूरे हैं। परियोजना को दिसंबर 2023 तक पूरा किया जाना था।
छह हजार क्यूसेक क्षमता का हेड स्ट्रक्चर बनेगा
आर्वधन नहर के नवीनीकरण के तहत इसकी क्षमता 4500 क्यूसेक से बढ़ाकर छह हजार क्यूसेक की जानी है। इससे दक्षिण हरियाणा में अतिरिक्त पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी। हमीदा हेड से करीब 22 किलोमीटर का हिस्सा यमुनानगर क्षेत्र में आता है, जबकि शेष नहर करनाल जिले के अंतर्गत है। हमीदा हेड से करनाल के मुनक हेड तक नहर की मौजूदा क्षमता 4500 क्यूसेक है।
मुनक तक 15 हिस्सों में बांटा काम
नहर के नवीनीकरण के लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए परियोजना को 15 अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। प्रत्येक हिस्से का काम अलग एजेंसी से कराया जाएगा।
इसके लिए सभी 15 कार्यों के टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं। इनमें पांच कार्य यमुनानगर और 10 करनाल सिंचाई विभाग के दायरे में हैं। सभी कार्यों पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
विभाग का प्रयास है कि नई एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपकर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और नहर में पानी का बहाव सुनिश्चित किया जा सके।
पुरानी एजेंसी का टेंडर रद
नवीनीकरण का कार्य पहले जिस एजेंसी को सौंपा गया था, वह इसे निर्धारित समय में पूरा नहीं कर सकी। इसके बाद एजेंसी का टेंडर रद कर दिया गया। उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया सरकार के स्तर पर चल रही है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, एजेंसी द्वारा काम छोड़ने के बाद उसे कई बार नोटिस भी दिए गए थे। अब नई एजेंसियों के माध्यम से शेष कार्य पूरा कराने की तैयारी है।
लागत बढ़ने पर बिगड़ी बात
विभागीय सूत्रों के मुताबिक नहर के नवीनीकरण का कार्य ड्राइंग स्वीकृत होने से पहले ही शुरू करवा दिया गया था। बाद में स्वीकृति मिलने पर परियोजना की लागत बढ़ गई।
यदि ऐसा हुआ है तो यह परियोजना की तैयारी और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि पर्याप्त तकनीकी तैयारियां और जरूरी स्वीकृतियां पूरी होने से पहले इतने बड़े प्रोजेक्ट का काम शुरू करने की अनुमति क्यों दी गई। निर्धारित समय दिसंबर 2023 तक परियोजना पूरी होनी थी।
रास्ते भी हुए क्षतिग्रस्त
नवीनीकरण का काम अधूरा रहने से आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है। निर्माण के कारण रास्ते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
वर्षा होने पर हमीदा हेड के पास नहर की पटरी से गुजरना मुश्किल हो जाता है। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता है। जिससे अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। नहर की पटरी पहले भी कई बार टूट चुकी है। ठसका खादर, नाचरौन और पालेवाला के पास पटरी टूटने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
करनाल के मुनक हेड तक लंबित कार्यों के लिए टेंडर आमंत्रित किए जा चुके हैं। विभाग का प्रयास है कि सभी कार्य जल्द पूरे कराकर नहर में पानी का बहाव सुनिश्चित किया जाए। अब नई एजेंसियों के काम शुरू करने और निर्धारित समय में परियोजना को पूरा किया जाएगा। -राहिल सैनी, एक्सइएन, सिंचाई विभाग।
