यमुनानगर, जागरण संवाददाता। पशु पालन विभाग की पंडित दीन दयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना पशु पालकों को रास नहीं आ रही है। पशुओं का बीमा करवाने से गुरेज किया जा रहा है। जिले में छोटे-बड़े कुल एक लाख 29 हजार पशु हैं जबकि योजना के दायरे में करीब 10 पशु हैं।

चिंताजनक पहलु यह भी है कि लंपी वायरस का शिकार हो चुके 217 गोवंशी के मालिकों को वित्तीय मदद नहीं मिली है। योजना के तहत पशुपालक 25 से 300 रुपये का प्रीमियम देकर अपनी गाय, भैंस के साथ-साथ छोटे पशुओं का भी बीमा करवा सकते हैं। एक परिवार पहचान पत्र पर पांच पशुओं का बीमा हो सकता है। वहीं, गोशालाएं भी पांच पशुओं का बीमा करा सकती हैं।

इन दो वर्गों में होगा पशुओं का बीमा

पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मुताबिक नई बीमा पालिसी के अनुसार पशुओं का दो प्रकार से वर्गीकरण किया गया है। इसमें बड़े-छोटे पशु शामिल रहेंगे। बड़ेे पशुओं में गाय, भैस, झोटा, सांड, घोड़ा, ऊंट, खच्चर, बैल आदि शामिल हैं, जबकि छोटे पशुओं में भेड़, बकरी व खरगोश का बीमा करवा सकता हैं।

हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड की ओर से पशुओं का वर्ष का बीमा होगा, जिसमें बीमा की राशि का 1.49 प्रतिशत की दर से प्रीमियम लिया जाएगा। बड़े पशुओं के लिए 100 रुपये से लेकर 300 रुपये तक प्रीमियम राशि देकर दुग्ध व श्रेणी अनुसार बीमा होगा, जबकि छोटे जानवरों के लिए मात्र 25 रुपये खर्च करने होंगे। यदि पशुपालक चाहे तो आगामी तीन वर्ष के लिए बीमा करवा सकता है।

दुर्घटना में मृत्यु होने पर मिलेगा बीमा क्लेम

योजना के अनुसार पशु की आकस्मिक या दुर्घटना में हुई मौत को कवर किया जाता है। बीमा होने के 21 दिन बाद यह योजना लागू होती है। हालांकि पशु चोरी होने पर कोई क्लेम नहीं होगा। एक पशु पालक बड़े पशुओं की दूध क्षमता एवं आयु के आधार पर 50 हजार से लेकर अधिकतम 88 हजार रुपये तक, जबकि छोटे पशुओं या जानवरों की मौत पर अधिकतम 10 हजार रुपये से 20 हजार रुपये क्लेम राशि का दावा कर पशु चिकित्सक की रिपोर्ट अनुसार कर सकेगा।

ऐसे करें आवेदन

पशु पालन विभाग के उपमंडल अधिकारी डा. सतबीर का कहना है कि यह योजना पशु पालकों के लिए काफी कारगर है। बीमा करवाने के लिए पशुपालक को सरल पोर्टल या ई-सेवा केंद्र, कामन सर्विस सेंटर, अंत्योदय केंद्र, अटल सेवा केंद्र व ई-दिशा केंद्र के माध्यम से आनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए परिवार पहचान पत्र, मतदाता व राशन कार्ड की कापी, पशु चिकित्सक द्वारा जारी पशु स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, बैंक डिटेल आदि मुहैया करवानी होगी।

Edited By: Anurag Shukla

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट