जागरण संवाददाता, यमुनानगर :

जिले से एक और हाईवे निकालने की कवायद शुरू हो रही है। यह हाईवे पटियाला-पेहवा-कुरुक्षेत्र-लाडवा- यमुनानगर ( करीब 118 किलोमीटर की लंबाई ) से होकर निकलेगा। यह हाईवे कुरूक्षेत्र से यमुनानगर तक 64.22 किमी लंबा होगा। कुरूक्षेत्र के पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस हाईवे के लिए एजेंसी से 2017 में सर्वे कराया है। अब एनएचएआइ के अधिकारियों से इस पूरे प्रोजेक्ट की रिपोर्ट केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मांगी है। एडवोकेट रामकुमार रादौरी ने इस संबंध में सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को पत्र भेजा था, जिसमें उनके पत्र का जवाब देते हुए एनएचएआइ से रिपोर्ट मांगी गई है। जिले में 20 किलोमीटर लंबा हाईवे औरंगाबाद बाइपास से शुरू होकर लाडवा के पास मिलेगा।

पंजाब बॉर्डर से कुरूक्षेत्र जिले तक सरकार की हाईवे निकालने की योजना है। ये हाईवे यमुनानगर, लाडवा, कुरुक्षेत्र, थानेसर, पेहवा से होता हुआ निकलेगा। कुछ क्षेत्रों में ये हाईवे मुख्य मार्ग को छोड़कर ग्रामीण एरिया से निकलेगा, जिससे उस एरिया में खुशहाली आएगी।

यह दी गई रिपोर्ट

रिपोर्ट में कुरुक्षेत्र जिले में बाईपास गांव टिकरी से पेहवा तक निकालने का प्रस्ताव दिया गया है। इस बाईपास की लंबाई दो किमी होगी, जिससे पेहवा-पटियाला रोड की अढ़ाई किमी की लंबाई कम हो जाएगी। कुरूक्षेत्र व कैथल जाने के लिए भारी ट्रैफिक इस बाईपास से निकलेगा। इस हाईवे पर गांव मुर्तजापुर के पास बने पुल का भी दोबारा से निर्माण होगा, क्योंकि यह काफी पुराना बना हुआ है। क्रॉकोडाइल सेंचुरी के पास से भी गुजरने वाला रोड दोबारा से बनाया जाएगा। इसके अलावा कुरूक्षेत्र से यमुनानगर तक पड़ने वाले जंक्शनों का इंप्रूवमेंट किया जाएगा। बाइपास भात माजरा गांव से टीकरी गांव के निकट से पेहवा शहर के बाइपास से निकलेगा, जिससे वाहनों को दबाव कम होगा। लोहार माजरा व गढ़ी रोड के पास विपरित दिशा में मिलते है। ये दुर्घटना संभावित क्षेत्र भी है। रिपोर्ट में कहा गया इसलिए इस एरिया का विस्तार जरूरी है। सिरसमा व बीड़ मथाना के निकट से होते हुए कुरुक्षेत्र कैथल, नरवाना रेलवे लाइन व दूसरी दिल्ली अंबाला के पास ओवरब्रिज बनाने का जिक्र भी है। उमरी इंद्री रोड पर तीन बड़े पुल बनाने का सर्वे किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह रोड यमुनानगर जिले में 20 किमी की लंबाई का होगा।

सुझाव भी लिए जाएंगे

इस रिपोर्ट में स्थानीय विधायक व प्रशासन के भी सुझाव शामिल किए जाएंगे। सभी ¨बदुओं पर पहले विस्तार से चर्चा होगी। उसके बाद रिपोर्ट पर अमल किया जाएगा। तर्क है कि जनप्रतिनिधि व प्रशासन के पास एरिया के बारे में ज्यादा जानकारी होती है।

एनएचएआइ से मांगी है रिपोर्ट

एडवोकेट रामकुमार रादौरी ने बताया कि सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय से पंजाब से होकर हरियाणा के गुहला चीका, कुरुक्षेत्र, लाडवा व यमुनानगर नेशनल हाईवे के बारे में जानकारी मांगी गई थी। वहां से जवाब मिला है। जवाब में एनएचएआइ से इस संबंध में रिपोर्ट लिए जाने की बात कही गई है। यदि यह हाईवे बनता है, तो जनता को लाभ मिलेगा।

सरकार लेगी निर्णय : सरोहा

एससी एसपी सरोहा ने बताया कि ये बात सही है कि घोषणा के बाद हाईवे का सर्वे निजी कंपनी से कराया गया। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। इसका निर्णय सरकार स्तर पर लिया जाएगा।

Posted By: Jagran