जागरण संवाददाता, जगाधरी : बूड़िया चौक के पास श्मशान घाट में महिला के शव का अंतिम संस्कार करने को ससुराल व मायके पक्ष के लोग आमने सामने हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को समझा बुझाकर विवाद शांत कराया। संस्कार होने तक पुलिस मौजूद रही।

साढौरा निवासी गीता वर्मा की शादी कुछ साल पहले यमुनानगर में हुई थी। वह पिछले काफी समय से बीमार चल रही थी। उसके भाई संजीव ने बताया कि गीता को किडनी की बीमारी थी। ससुराल वालों ने उसका इलाज कराने से मना कर दिया था। जिस पर उसे इलाज के लिए यहां ले आए और खुद ही उसके इलाज का खर्च उठा रहे थे। उसका हर रोज डायलसिस होता था। दो दिन पहले गीता की हालत बिगड़ गई, उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इस दौरान उसके ससुराल वाले उसे देखने तक नहीं आए। इलाज में भी सहायता करने से साफ मना कर दिया। बुधवार सुबह इलाज के दौरान उसकी अस्पताल में मौत हो गई। मायके वाले शव लेकर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार करने पहुंचे। इसका पता ससुराल के लोगों को लगा, तो वह भी पहुंच गए। उनके श्मशान घाट में पहुंचने पर दोनों पक्षों के बीच तनातनी हो गई। मायके वालों ने उन्हे श्मशान घाट से बाहर निकाल दिया। आरोप था कि जब वह बीमार होने पर उसे देखने तक नहीं आए। अब उसके मरने में क्यों आ गए।

तनातनी का पता लगते ही बूडिया गेट चौंकी से इंचार्ज राजपाल पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे और दोनों पक्षों का विवाद शांत कराया। इसके बाद ही मृतका का अंतिम संस्कार हुआ। अंतिम संस्कार होने तक पुलिस श्मशान घाट में रही। वहीं मृतका के ससुराल पक्ष से कस्तूरी लाल का कहना था कि बेवजह उन पर आरोप लगाए गए हैं। उन्हें श्मशान घाट से जबरन बाहर किया गया।

Posted By: Jagran

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