संवाद सहयोगी, बिलासपुर : खंड का गांव शाहपुर-302 विकास की मिसाल पेश कर रहा है। ग्राम पंचायत ने कार्यकाल खत्म होने तक गांव में करोड़ों रुपये के विकास कार्य करवाए। पंचायत ने गांव में जहां गलियों का निर्माण कराया वहीं पानी निकासी के लिए नाले बनवाए। रात को गलियों में अंधेरा न रहे इसलिए स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई। गांव की आबादी करीब 1120 है। लगभग 725 मतदाता चुनाव में अपने मत का इस्तेमाल करते हैं। गांव की साक्षरता दर 69.76 फीसद है। गांव के कई लोग सरकारी नौकरी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

गांव शाहपुर-302 के निवर्तमान सरपंच अमरीक सिंह का कहना है कि उन्होंने गांव में एक करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्य करवाए। ग्राम पंचायत द्वारा गांव के ग्रामीणों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण, श्मशान घाट पर बैठने की व्यवस्था व रास्ते का निर्माण करवाया। गांव के लोगों को समय पर दवाई मिलती रहे इसके लिए स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया जाना है। वहीं, एससी चौपाल का शेड डलवाया गया, गांव में गलियों व नालियों का निर्माण किया गया। गंदे पानी की निकासी के लिए समुचित व्यवस्था करवाते हुए दो बड़े नाले बनवाए गए। जिनके माध्यम से पानी गांव के तालाब तक जाता है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा किया बुलंद

प्रदेश सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे को भी ग्राम पंचायत ने खूब बुलंद किया। बेटियों को शिक्षित करने व उन्हें सम्मान देने के उद्देश्य से गांव में जागरूकता रैली निकाली गई। इसके अलावा लोगों से आह्वान किया गया कि वह अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाएं। स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रशासन के सहयोग से सफाई अभियान चलाया गया। जिसमें लोगों को बताया गया कि वह पालीथिन की बजाय जूट व कपड़े से बने थैले का इस्तेमाल करें। लोगों को कोरोना महामारी से बचाने के लिए पंचायत ने तीन बार गांव को सैनिटाइज कराया। फोटो : 12

गांव में बहुत काम हुए : रमेश धीमान

शाहपुर गांव के रमेश धीमान ने बताया कि निवर्तमान ग्राम पंचायत ने गांव में बहुत विकास कार्य करवाए। अभी तक इतने काम कभी नहीं हुए। पहले गंदा पानी ऐसे ही गांव की गलियों में बहता था। परंतु नाले बनने से लोगों को इस समस्या से निजात मिली। वहीं गांव में सफाई भी नियमित तौर पर होती रही। फोटो : 13

कई प्रस्ताव पास किए : अमरीक सिंह

गांव के निवर्तमान सरपंच अमरीक सिंह ने बताया कि लोगों के सहयोग से गांव में काफी विकास कार्य हुए। जबकि गांव में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य केंद्र, पशु चिकित्सालय, बारात घर बनाए जाने सहित अनेक कार्यों के प्रस्ताव पास किए हुए हैं। यदि सरकार से ओर ग्रांट मिल जाती तो यह काम भी हो जाते।

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