जागरण संवाददाता, यमुनानगर : डेंगू की दहशत जिले में कम नहीं हो रही है। वीरवार को भी एक दिन में पांच नए मरीज डेंगू के मिले हैं। अब जिले में मरीजों की संख्या बढ़कर 57 पर पहुंच चुकी है। लगातार बढ़ रहे केसों को देखते हुए अब नगर निगम व पंचायत विभाग ने भी फोगिग करानी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उन क्षेत्रों में विशेष चेकिग अभियान चलाया जा रहा है। जहां पर डेंगू के मरीज मिले हैं। यह सरकारी आंकड़ा है, लेकिन काफी मरीज निजी अस्पतालों से भी इलाज करा रहे हैं। वायरल से पीड़ित तीन मरीजों की मौत भी हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग उनकी मौत डेंगू से नहीं मान रहा है। यहां पर मिल चुके मरीज

जिले में प्रतापनगर, सरस्वतीनगर, बिलासपुर, साढौरा, रादौर में डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्र के सेक्टर 17, जगाधरी, यमुनानगर के कई वार्डों में डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर तक डेंगू पाजिटिव हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार सर्वे कराया जा रहा है। चार हजार 718 घरों में डेंगू का लार्वा मिलने पर नोटिस दिए जा चुके हैं। वायरल के बढ़ रहे मरीज फिजिशियन डा. नितिन गुप्ता ने बताया कि इस समय वायरल फैला हुआ है। रोजाना अस्पताल में 200 से 250 मरीज वायरल के पहुंच रहे हैं। इनमें से कुछ में डेंगू के लक्षण हैं। जिस पर उनकी जांच कराई जाती है। मरीजों में वायरल की वजह से भी प्लेटलेट घट जाती है। इसलिए कोई भी संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच करानी चाहिए। मरीज को ऐसे में प्लेटलेट, हिमेटोक्रिट, टीएलसी, डेंगू सीरोलोजी व डेंगू एनएसआइ एंटीजन के टेस्ट कराने जरूरी है। इससे मरीज की सही स्थिति का पता लग जाता है। प्लेटलेट दान कर मरीज की बचाई जान :

रक्तदान सेवा से जुड़ी स्माइल फाउंडेशन के पास भी इस समय मरीजों के लिए प्लेटलेट के मैसेज आ रहे हैं। फाउंडेशन के प्रधान संजीव मेहता ने बताया कि बुधवार की रात करीब 12 बजे फाउंडेशन के हेल्पलाइन नंबर पर काल आई थी। मरीज की हालत काफी खराब थी और वह निजी अस्पताल में दाखिल है। उसके प्लेटलेट भी आठ हजार रह गए थे। जिस पर फाउंडेशन के सचिव राहुल दुरेजा व परमिद्र सिंह आगे आए और मरीज के लिए प्लेटलेट दान की। जिससे मरीज की हालत में सुधार हुआ। घरों में मिल रहा लार्वा :

सिविल सर्जन डा. विजय दहिया का कहना है कि लगातार जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। लोगों को समझाया जा रहा है कि वह अपने घरों में उन स्थानों की सफाई करें। जहां पर पानी एकत्र होने की संभावना है। इसमें मुख्य रूप से कूलर, छतों पर पड़े पुराने सामान, फ्रिज की सफाई करना जरूरी है। सर्वे में अधिकतर इन्हीं जगहों पर डेंगू का लार्वा मिला है।

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