जागरण संवाददाता, यमुनानगर : सहारनपुर में शाकुंभरी देवी माता के दर्शन करने जा रहे परिवार की टाटा सूमो को ट्रैक्टर-ट्राली ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि सूमो के परखचे उड़ गए। तीन बच्चों समेत 13 लोग घायल हो गए। इनमें से अस्पताल में उपचार के दौरान 17 साल के युवक की मौत हो गई, एक बच्ची को पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर कर दिया। टक्कर मारने के बाद चालक ट्रैक्टर-ट्राली को मौके पर छोड़ कर फरार हो गया। हादसा गांव हाफिजपुर के निकट हुआ।

छछरौली के गांव लोप्यो निवासी जसबीर ¨सह ने बताया कि शुक्रवार सुबह वो अपनी 25 वर्षीय पत्नी अमिता रानी, बड़ी बेटी 7 वर्षीय आयुषी, छोटी बेटी 3 वर्षीय माही, 64 वर्षीय पिता अमरनाथ, 59 वर्षीय माता रामकली, 21 वर्षीय भतीजी काजल उर्फ कोमल व बहन गुरमीत कौर, बड़ी बहन नारायणगढ़ के गांव रज्जू माजरा निवासी ऊषा रानी, 17 वर्षीय भांजे सौरव, 15 वर्षीय भांजी आंचल, मामा के लड़के दादूपुर जटान निवासी 28 वर्षीय सुरेंद्र के साथ शाकुंभरी देवी माता के दर्शन करने के लिए घर से टाटा सूमो में निकले थे। सूमो लेदी से ही किराये पर ली थी। अभी घर से सात किलोमीटर दूर गांव हाफिजपुर के निकट पहुंचे ही थे कि सामने से आ रही गन्ने से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली ने सूमो को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से टाटा सूमो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। आसपास के लोगों ने सूमो में फंसे लोगों को बाहर निकाला। एंबुलेंस की मदद से सभी को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। यहां पर डॉक्टर ने सौरव को मृत घोषित कर दिया, आयुषी को पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर कर दिया। हादसे में रामकली, काजल, सुरेंद्र, गुरमीत कौर, अमिता, ऊषा रानी, आंचल, सुरेंद्र, रामकली को गंभीर चोट आई। जसबीर व अमरनाथ को अंदरुनी चोट लगी। सभी को अलग-अलग अस्पताल में किया रेफर :

जिन घायलों का उपचार ट्रामा सेंटर में चल रहा था, उन सभी को डॉक्टरों ने अलग-अलग अस्पतालों में रेफर कर दिया। इससे परिजनों में रोष देखा गया। जसबीर ¨सह ने बताया कि डाक्टरों ने उसकी मां रामकली, भतीजी काजल को जगाधरी के विघ्नेश अस्पताल में भेज दिया। मामा के लड़के सुरेंद्र व बहन गुरमीत कौर को खिजराबाद के अस्पताल, पत्नी अमिता को जगाधरी अस्पताल व आयुषी को पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर कर दिया। इस तरह वे सभी का ध्यान कैसे रखेंगे।

मां-बाप का इकलौता बेटा था सौरव :

सौरव अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। सौरव की मौत के बारे में ट्रामा सेंटर में उसकी मां ऊषा रानी को नहीं बताया गया। उसके सिर पर पट्टी बंधी थी और वो ट्रामा सेंटर के बाहर बैठी थी। वह बार-बार एक ही बात कह रही थी कि उसके बेटे को जल्दी ठीक कर दो। सौरव ने अभी 10वीं कक्षा के पेपर दिए थे। वहीं आयुषी केजी, माही नर्सरी, आंचल नौवीं व कोमल बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप