जागरण संवाददाता, कपालमोचन : बिलासपुर-जगाधरी स्टेट हाईवे को मेले के समय उखाड़ कर प्रशासन ने विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा दी है। उन्हें अपनी जान जोखिम में डाल कर मेला में आना पड़ रहा है। सोमवार रात कार्तिक पूर्णिमा का स्नान करने के बाद कल से श्रद्धालु वापस लौटने शुरू हो जाएंगे। सड़क के किनारे तीन फीट तक उखाड़ देने से श्रद्धालुओं के साथ किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता।

डीसी ने मेला से पहले दिए थे सड़क ठीक करने के आदेश

डीसी मुकुल कुमार ने मेला शुरू होने से दो दिन पहले कपालमोचन स्थित डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में तमाम अधिकारियों की मीटिग ली थी, जिसमें डीसी ने टूटी सड़क को लेकर चेताते हुए कहा था कि इससे श्रद्धालुओं के साथ हादसा हो सकता है। इसलिए उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि उखाड़ी गई सड़क को मेला शुरू होने से पहले ठीक किया जाए। तब एसडीएम बिलासपुर एवं मेला प्रशासक ने डीसी को बताया था कि उनकी पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन से बात हो गई है। मेला से पहले सड़क को ठीक कर दिया जाएगा। परंतु ऐसा नहीं हुआ। सड़क की हालत आज भी वैसी ही है।

लौटते समय लग जाता है जाम

कार्तिक पूर्णिमा का स्नान करने के बाद श्रद्धालु लौटना शुरू हो जाते हैं। लाखों लोग अपने वाहनों में सवार होकर आते हैं। मेला परिसर में ही 10 हजार से ज्यादा ट्रक, कारें और बसें आती हैं। लौटते समय इन वाहनों से सड़कों पर जाम लग जाता है। मेला से निकलने के बाद श्रद्धालु जगाधरी जाते हैं, जहां पर बर्तनों की खरीदारी करते हैं। उखाड़ देने के बाद सड़क की चौड़ाई पहले से कम हो गई है। यदि सामने से कोई बड़ा वाहन आ गया तो श्रद्धालुओं को अपनी गाड़ी सड़क से नीचे उतारने की जगह नहीं मिलेगी।

श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है : नरेंद्र सिंह

गुरुद्वारा पहली एवं दसवीं पातशाही कपालमोचन के मैनेजर स. नरेंद्र सिंह ने बताया कि मेला शुरू होने से पहले ही हमने प्रशासन को कह दिया था कि सड़क तोड़ने से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होगी। इसके बावजूद अधिकारियों ने टूटी सड़क को ठीक नहीं कराया। अब मेले में आकर श्रद्धालु टूटी सड़क के बारे में बता रहे हैं।

Posted By: Jagran

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