यमुनानगर [राजेश कुमार]। Organic farming: उत्तराखंड के जिला नैनीताल के दोहनिया गांव की दमयंती बिष्ट ने महिला होते हुए वो काम कर दिखाया जिसे करने की शायद कोई पुरुष हिम्मत भी न करता। खुद के पास मात्र चार बीघा जमीन थी जिसमें खेती करने पर भी इतनी आमदनी नहीं हो सकती थी जिससे परिवार का गुजारा चल सके, इसलिए दमयंती ने पांच साल पहले जैविक खेती की शुरुआत की।

जैविक होने के कारण फसल अच्छे रेट पर बिकने लगी। यह देखते ही कम जमीन वाले अन्य किसान उनके संपर्क में आए। बस फिर क्या था। देखते ही देखते 53 किसानों का समूह बन गया। अब दमयंती द्वारा जैविक खेती से उगाई गई दाल, सब्जी चावल नैनीताल के होटलों में सप्लाई होगी, ताकि अन्य राज्यों से आए पर्यटक भी होटलों में जैविक भोजन का स्वाद चख सकें। जगाधरी अनाज मंडी में लगे सरस मेले में भी उनके सामान की खूब बिक्री हो रही है।

सभी किसान एक जगह एकत्रित करते हैं राशन

दमयंती बिष्ट ने उन किसानों को अपने साथ जोड़ा जिनके पास आधा से दो एकड़ जमीन है। क्योंकि दिनरात मेहनत करके भी इतनी कम जमीन में इतनी फसल नहीं हो पाती जिसे खेतों में बेचा जा सके या फिर अपने खाने के लिए रखा जा सके। उन्होंने जैविक उत्पाद समूह बनाकर किसानों को जोड़ा। 53 किसान जमीन पर जो भी दाल, चना, हल्दी, अदरक, मेथी, राजमा या अन्य फसल पैदा करते हैं उसे एक जगह एकत्रित कर लेते हैं। फिर इसे बेचा जाता है। जिसकी जितनी फसल होती है उसे फसल का उतना मूल्य व लाभांश दे दिया जाता है।

पर्यटक भी ले सकेंगे जैविक भोजन का स्वाद

उत्तराखंड सरकार ने खेतों में कीटनाशक के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नैनीताल प्रशासन ने स्थानीय होटलों संचालकों की एसोसिएशन के साथ मीटिंग की। जिसमें निर्णय लिया गया कि जैविक खेती से जो फसल उगाई जा रही है उसे होटलों में सप्लाई किया जाए। क्योंकि नैनीताल एक पर्यटन स्थल है। हर साल लाखों की संख्या में विभिन्न राज्यों से पर्यटक वहां जाते हैं। इस तरह छोटे किसानों को फसल बेचने में दिक्कत भी नहीं होगी और पर्यटकों को भी जैविक फसल से तैयार भोजन का स्वाद चखने को मिलेगा।

महिलाओं को दे रही रोजगार

दमयंती न केवल जैविक खेती कर रही बल्कि महिलाओं को रोजगार भी दे रही है। सभी किसान एक जगह जो फसल एकत्रित करते हैं उसकी सफाई व पैङ्क्षकग के लिए महिलाओं को रखा गया है। इसके लिए शिव महिला ग्राम संगठन नाम से अलग समूह बनाया। जिसमें एक दर्जन से अधिक महिलाएं रोजी रोटी कमा रही हैं। दमयंती छोटे-बड़े कुल 14 समूहों की अध्यक्ष है। एक समूह अचार तैयार करता है जिसे सरस मेलों व अन्य जगहों पर सप्लाई किया जाता है। दमयंती का कहना है कि बिना कीटनाशक के खेत में कम फसल होती है। इसलिए इसका रेट अधिक होता है। इसका स्वास्थ्य पर कोई नुकसान नहीं होता।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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