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यमुनानगर में इस साल साइबर ठगों ने लूटी 35 करोड़ की रकम, अब पुलिस चलाएगी घर-घर जागरूकता अभियान

Published: Thu, 08 Oct 2026 10:55 PM (IST)

यमुनानगर में इस साल साइबर ठगों ने 108 मामलों में 35 करोड़ रुपये की ठगी की है। पुलिस अब अक्टूबर ...और पढ़ें

साइबर ठगों ने इस साल लूटी 35 करोड़ की रकम, अब हर घर पहुंचेगा सुरक्षा का संदेश।

साइबर ठगों ने इस साल लूटी 35 करोड़ की रकम, अब हर घर पहुंचेगा सुरक्षा का संदेश।

HighLights

  1. यमुनानगर में इस साल 108 साइबर ठगी के मामले दर्ज।

  2. ठगों ने लोगों से लगभग 35 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी।

  3. पुलिस अक्टूबर में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा माह मनाकर जागरूकता अभियान चलाएगी।

जागरण संवाददाता, यमुनानगर। साइबर ठग रोज नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इस वर्ष अब तक साइबर ठगी के 108 केस दर्ज हुए हैं, जिनमें लगभग 35 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। जिला पुलिस की ओर से अब साइबर ठगी के मामलों में तुरंत केस दर्ज किए जा रहे हैं।

विशेषकर एक लाख रुपये तक की ठगी में त्वरित केस दर्ज कर खाते फ्रीज कराए जा रहे हैं, ताकि ठगी की राशि को रिकवर किया जा सके। इसके साथ ही अब पुलिस साइबर अपराधों से लोगों को बचाने और ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अक्टूबर माह को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा माह के रूप में मना रही है।

इस अभियान के तहत हर घर तक साइबर सुरक्षा का संदेश लेकर पुलिस पहुंचेगी। सार्वजनिक स्थानों से लेकर स्कूल व कालेजों में विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

पंपलेट बांटकर उन्हें साइबर ठगों द्वारा अपनाए जाने वाले तरीकों व उनसे बचाव के बारे में बताया जा रहा है, ताकि वे अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी सचेत कर सकें। आज के समय में सबसे अधिक ठगी निवेश के नाम पर लाभ कमाने का लालच देकर हो रही है। मोबाइल पर लिंक भेजे जा रहे हैं, जिनमें अलग-अलग योजनाएं बताई जा रही हैं।

हर व्यक्ति के पास इंटरनेट

इस समय हर व्यक्ति के पास इंटरनेट है। वह इंटरनेट साइटों पर भी सक्रिय हैं। बैंक की भी पूरी जानकारी अब मोबाइल एप के माध्यम से उपलब्ध है। ऐसे में साइबर ठग इन साइटों पर निवेश व योजनाओं और ऑनलाइन खरीददारी के आफर से संबंधित लिंक भेजते हैं। किसी को एपीके फाइल भेजी जाती है, जिसे खोलते ही मोबाइल हैक हो जाता है और ठग खाते से राशि साफ कर देते हैं।

जागरूकता से होगा बचाव

एसपी कमलदीप गोयल ने बताया कि साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सभी पर्यवेक्षक अधिकारियों और थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। थाना स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए तरीकों और उनसे बचने के सुरक्षित उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है।

अभियान के दौरान मजबूत पासवर्ड रखने, टू-फैक्टर सिक्योरिटी अपनाने, मोबाइल फोन और साफ्टवेयर को समय-समय पर अपडेट करने, इंटरनेट का सुरक्षित इस्तेमाल करने, ऑनलाइन लेन-देन में विशेष सावधानी बरतने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा महिलाओं, बच्चों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और समाज के अन्य वर्गों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।