संवाद सहयोगी, जगाधरी : पुलिस को सूचना देकर माल पकड़वाने के शक में कांसापुर निवासी बलदेव की पीटकर हत्या करने के दो आरोपितों को दोषी करार दिया गया है। इस मामले में एक व्यक्ति को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर फैसला 1 नवंबर को सुनाएंगे। कोर्ट में करीब एक साल चली इसकी सुनवाई के दौरान 15 लोगों की गवाही हुई।

फर्कपुर पुलिस ने 7 अक्टूबर, 2018 को टैगोर गार्डन निवासी विशाल बक्शी की शिकायत पर कृष्णा कालोनी निवासी ईशू, पंकज और हिमांशु के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उसका कमानी चौक रेत-बजरी सप्लाई करने का कार्यालय है। जहां पर कांसापुर निवासी बलदेव नौकर लगा हुआ है, जो कार्यालय के ऊपर बने कमरे में रहता है। 6 अक्टूबर की रात को करीब 10 बजे जब वह कार्यालय में गया, तो जहां उसे कृष्णा कालोनी निवासी मेजर सिंह (विशाल बक्शी का दोस्त) मिला, जो बलदेव के साथ बैठा हुआ था।

शिकायकर्ता के मुताबिक मेजर सिंह ने उसे बताया कि कृष्णा कालोनी निवासी पंकज और ईशू वहां आए। उन्होंने कार्यालय के नीचे खड़े होकर बलदेव को नीचे आने के लिए आवाजें मारीं। जब वह नीचे नहीं गया, तो वे दोनों ऊपर पहुंच गए और पुलिस को सूचना देने और सामान पकड़वाने की बात कहते हुए उन्होंने बलदेव का लात व घूसों से पीटना शुरू कर दिया। वे दोनों बलदेव का अपने साथ बाइक पर बैठाकर ले गए। जब मेजर सिंह ईशू के घर गया, तो वहां वे दोनों बलदेव को पीट रहे थे। जब वे रोकने पर नहीं माने तो मेजर, बलदेव के कमरे पर चला गया।

करीब आधे घंटे बाद वे दोनों बलदेव का उसके कमरे में लेकर गए। वहां पर उन्होंने उसे तब तक पीटा, जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। उसके बाद बलदेव को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने ईशू, पंकज और हिमांशु के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने 8 अक्टूबर को उक्त आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। केस की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर ने हिमांशु को बरी कर दिया, जबकि ईशू और पंकज को दोषी करार दिया है।

Posted By: Jagran

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