जागरण संवाददाता, यमुनानगर :

नगर निगम के 22 वार्डों में सफाई व्यवस्था अब ठेके पर होगी। ट्विन सिटी को दो जोन में बांटा गया है। एक नंबर जोन में वार्ड एक से 11 व दो में 12 से 22 शामिल हैं। इसके लिए टेंडर लगा दिया गया है। इसमें डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, कचरे की छंटाई व ढुलाई शामिल हैं। झाड़ू लगाने का कार्य निगम के कर्मचारी करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। फिलहाल यह व्यवस्था :

वार्ड 13, 14 और 15 में सफाई के लिए कंपनी को टेंडर दिया हुआ है, हालांकि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए छोटे वाहन लगे हुए हैं, लेकिन नियमित रूप से कचरा नहीं उठ रहा है। कंपनी प्रति घर और दुकान से कचरा उठाने की एवज में चार्जेज लेती है। अन्य 17 वार्डो में नगर निगम के कर्मचारी सफाई कर रहे हैं। ट्रैक्टर ट्रालियों से कचरा उठाया जाता है। कचरा प्रबंधन भी होगा :

डोर-टू- डोर कचरा कलेक्शन व उठान के साथ-साथ टेंडर में कचरा प्रबंधन भी शामिल है। कैल में बंद पड़े सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को चलाने से पहले यहां पड़े कचरे का प्रबंधन किया जाएगा। इसके अलग से टेंडर लगा हुआ है। सफाई की नई व्यवस्था के मुताबिक जिस फर्म के पास टेंडर जाएगा, उसको ही कचरे का प्रबंधन भी करना होगा। यमुनानगर-जगाधरी से रोज 250-300 टन कचरा निकल रहा है। शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए सरकार ने वर्ष-2012 में 18.74 करोड़ रुपये से यह प्लांट लगाया था। यह इन दिनों बंद पड़ा हुआ है। यह भी जानिए :

यमुनानगर-जगाधरी शहर की आबादी : साढे़ लाख हर दिन निकलता कुल कचरा : 250- 300 टन प्रति व्यक्ति : 250 ग्राम प्रतिदिन जैविक कचरा : 170 टन प्लास्टिक कचरा : 10 क्विटल

इलेक्ट्रोनिक कचरा : दो टन ग्रेडेबल कचरा : 20 टन बायोमेडिकल वेस्ट : 4 क्विटल प्रतिदिन सफाई पर हर माह खर्च : 60 लाख रुपये नगर निगम एरिया में सफाई कर्मचारियों की संख्या : 760 जरूरत है : 1297 400 लोगों पर चाहिए एक सफाई कर्मचारी, उपलब्ध है 1500 पर एक कर्मचारी।

टिप्पर भी नहीं पर्याप्त

नगर निगम एरिया में कचरा कलेक्शन के लिए 60 टिप्पर हैं। आबादी के लिहाज से इनकी संख्या पहले ही कम है। 8-10 टिप्पर खराब भी रहते है। उन पर निगरानी रखने के लिए जीपीएस जरूर लगे हैं, लेकिन अधिकांश में ये खराब है। नतीजन मनमर्जी से कचरा उठ रहा है। टिप्परों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग कई बार उठ चुकी है। नहीं उठ रहा कचरा ट्विन सिटी में सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। शहर के पॉश एरिया मॉडल टाउन में भी कचरे का नियमित रूप से उठान नहीं हो रहा है। जगह-जगह ढेर लगे पड़े हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान जिन कचरा प्वाइंट्स को निगम ने बंद किया था, वह दोबारा शुरू हो गए हैं। छोटी लाइन, मॉडल टाउन में सरकारी स्कूल के पास, सरकारी अस्पताल व बस स्टैंड के पास अकसर कचरे के ढेर लगे रहते हैं। नगर निगम में शामिल गांवों में हालात अधिक खराब देखे जा रहे हैं। यहां कई-कई दिन तक कचरा नहीं उठता। सभी 22 वार्डों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। इस पर विशेष रूप से फोकस है। नगर निगम एरिया को दो जोन में बांट कर टेंडर लगाया गया है। इस योजना को धरातल मिलने के बाद स्थिति बेहतर हो जाएगी। सफाई के साथ-साथ कचरा प्रबंधन भी कराया जाएगा।

धर्मवीर सिंह, कमिश्नर, नगर निगम।

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