जागरण संवाददाता, यमुनानगर :

सीआइडी पर अब एक और नई जिम्मेदारी डाली गई है। सीआइडी के कर्मचारी अब नशा करने वालों पर नजर रखेंगे। इन लोगों की पहचान कर उन्हें सरकारी नशा मुक्ति केंद्र तक लेकर आएंगे। साथ ही नशा बेचने वालों के खिलाफ भी गुप्त सूचनाएं एकत्र करेंगे। बढ़ते नशे के प्रचलन को देखते हुए अब यह निर्णय लिया गया है।

नशा इस समय प्रदेश में बड़ी समस्या बन चुका है। इसे रोकने के लिए अलग से विग भी बनाई गई, लेकिन नशे पर रोक नहीं लग सकी। सबसे अधिक स्मैक व गांजा का नशा किया जा रहा है। पुलिस भी एनडीपीएस एक्ट के केस दर्ज करती है, लेकिन उनमें काफी कम मात्रा मिलती है। कोई बड़ा तस्कर पुलिस के हाथ नहीं आ पाता। यही वजह है कि नशे पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पा रही है।

सीआइडी के कर्मी समझा रहे नशा न करो :

सीआइडी के कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह नशा करने वालों को समझाएं। कर्मचारी भी ऐसे लोगों को मिलते हैं, तो उन्हें नशे से होने वाले नुकसान बताएंगे। साथ ही उन्हें नशा छोड़ने के प्रति जागरूक करेंगे। यदि कोई नशा छोड़ना चाहता है, तो उसे भी सरकारी नशा मुक्ति केंद्र तक भिजवाएंगे। इसके साथ ही यह भी नजर रखेंगे कि वह नशा कहां से लेकर आ रहा है। यदि कोई तस्कर की सूचना मिलती है, तो उसे भी सीआइडी पकड़वाएगी। यह सब नशा रोकने की कवायद का ही हिस्सा है।

बाहर से आकर एसटीएफ पकड़ रही तस्करों को :

उधर, एंटी नारकोटिक सैल, सीआइए वन, सीआइए टू व स्पेशल डिटेक्टिव स्टाफ कोई भी बड़े तस्कर को नहीं पकड़ सकी। पिछले दिनों एसटीएफ अंबाला ने यमुनानगर के फव्वारा चौक से गांजा के साथ तस्कर को पकड़ा। अब बुधवार को भी एसटीएफ ने ही तस्कर को पकड़ा। एसटीफ अंबाला के डीएसपी कुलभूषण ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि यमुनानगर में तस्कर गांजा लेकर आएगा। जिस पर टीम बनाकर कमानी चौक से बिहार के जिला वैशाली के गांव कंचनपुर निवासी अमीर लाल को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से 13 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद हुआ। आरोपित यह गांजा फैक्टरी के मजदूरों को सप्लाई करता था।

Posted By: Jagran

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