जागरण संवाददाता, यमुनानगर : टेलीफोन का बिल नहीं भरने व मुफ्त में इंटरनेट का आनंद ले रहे उपभोक्ताओं पर बीएसएनएल शिकंजा कसेगा। अब बीएसएनएल कर्मचारी डिफाल्टर उपभोक्ताओं के घर व दुकानों के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से धरना देंगे। उन्होंने इसे गांधीगीरी का नाम दिया है। धरना इसलिए दिया जाएगा, ताकि शर्मसार होकर ग्राहक बिल अदा कर दें।

पुलिस से मांगी सुरक्षा

बीएसएनएल यमुनानगर के डीजीएम अजय छाबड़ा ने एसपी को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि उनका लोगों की तरफ करोड़ों रुपये का बिल बकाया है। इस बिल की रिकवरी के लिए बीएसएनएल ने अभियान चलाया है, जिसके तहत लोगों के घरों व प्रतिष्ठानों के आगे धरना दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति निगम की इस कार्रवाई का विरोध करता है तो पुलिस कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करें।

बिल भरने में कर रहे आनाकानी

कंप्यूटर पर तेज गति से इंटरनेट चलाने के मामले में लोगों का विश्वास निजी कंपनियों की बजाय बीएसएनएल पर ज्यादा है। लोग जितनी तेजी से सुविधा का फायदा उठा रहे हैं, लेकिन बिल भरने की रफ्तार उतनी ही कम है। यमुनानगर, अंबाला व पंचकूला जिलों में ही दो करोड़ रुपये से ज्यादा के बिल बकाया है। बिल नहीं भरने वालों को नोटिस भी दिए जाते हैं, पर लोगों पर इनका कुछ भी असर नहीं पड़ रहा। जब बिल ज्यादा हो जाता है तो लोग कनेक्शन कटवा देते हैं। अब ऐसा नहीं होगा। जिन लोगों पर सबसे ज्यादा बिल बकाया है, पहले उनकी सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद बीएसएनएल के कर्मचारी ग्रुप बनाकर उसके घर के बाहर दरी बिछाकर बैठ जाएंगे।

हिमाचल में कामयाब हो चुका है फार्मूला

बीएसएनएल की गांधीगीरी का यह फार्मूला हिमाचल प्रदेश में कामयाब हो चुका है। जब किसी के घर के आगे कर्मचारी धरना देंगे तो मोहल्ले-पड़ोस के अलावा अन्य लोगों को भी पता चल जाएगा कि इस व्यक्ति ने अपना बिल नहीं भरा है। समाज में बदनामी के डर से लोगों को मजबूरी में बकाया बिल भरना होगा।

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अब लोगों के घर के आगे धरना देकर बकाया बिल वसूला जाएगा। इसमें सहयोग के लिए एसपी को पत्र लिख दिया है। ये धरने शांतिपूर्ण तरीके से दिए जाएंगे।

अजय छाबड़ा, डीजीएम बीएसएनएल।

Posted By: Jagran

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