जागरण संवाददाता, यमुनानगर : बिजली उपभोक्ताओं से बिल के पैसे लेकर फर्जी रसीदें देने के आरोपित रविद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में अशोक कुमार की शिकायत पर मारवां कलां के रविद्र, हरमनजोत, अंबाला के होली गांव के रमन, ज्ञानावाला के गौरव के खिलाफ एसपी ऑफिस में शिकायत दी थी। वहां से जांच के बाद 19 सितंबर को केस दर्ज हुआ था। साढौरा थाना प्रभारी रतन लाल ने बताया कि रविद्र को कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है।

दरअसल, बिजली बिलों के जमा करने का ठेका ईपे ईफोसर्वे प्राइवेट लिमिट को दिया गया था। पानीपत की इस कंपनी के डायरेक्टर अशोक कुमार हैं। यह कंपनी करनाल, यमुनानगर समेत प्रदेश के 13 जिलों में बिजली बिल एकत्र कर भरने का कार्य करती है। इसके लिए कंपनी ने कैशियर की नियुक्ति कर बिजली निगम की खिड़की बना रखी है। इसके साथ ही कैशियर को ऑनलाइन बिल भरने के लिए भी ऑनलाइन वॉलेट दिया जाता है। जिसमें उसका लॉगिन आइडी होता है। आरोपित रविद्र कुमार, रमन कुमार, हरमनजोत और गौरव को यमुनानगर की साढौरा सब डिवीजन में कैशियर के पद पर रखा गया था।

पुलिस को दी शिकायत में अशोक ने बताया था कि रविद्र कुमार को पांच अक्टूबर 2017 से जनवरी 2019 तक रखा गया था। रमन को 21 सितंबर 2017 से फरवरी 2019, हरमनजोत व गौरव को 12 अक्टूबर 2017 से जनवरी 2019 की नियुक्ति रही। आरोप था कि चारों आरोपितों ने मिलकर उपभोक्ताओं को प्रिटेड रसीदें नहीं दी। जब उपभोक्ता बिल भरते, तो उसके बदले में फर्जी रसीदें व मोहर लगाकर दे देते। इस तरह से करीब 33 लाख रुपये की धोखाधड़ी आरोपितों ने की। मामला तब खुला, जब उपभोक्ताओं के बिलों में जमा पैसे भी जुड़कर आने लगे।

Posted By: Jagran

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