जागरण संवाददाता, यमुनानगर :

दिल्ली जल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद हरकत में आए सिचाई विभाग के अधिकारियों ने अवैध पुलों को तो तुड़वा दिया, लेकिन खनन माफिया को बचा गए। पुलों को तुड़वाने की कार्रवाई के कई दिन बाद बूड़िया थाने में दो अलग-अलग केस दर्ज हुए हैं। यह केस अज्ञात में ही दर्ज करवाए गए। किसी को भी इसमें आरोपित नहीं बनाया गया। इससे साफ है कि सिचाई विभाग के अधिकारी खनन माफिया को बचाने में लगे हैं। एसडीओ जसविद्र सिंह के बयान पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। अब पुलिस तफ्तीश की बात कह रही है। सिचाई विभाग के अधिकारी इस बारे में बात करने से बच रहे हैं।

बता दें कि पिछले दिनों दिल्ली जल बोर्ड की टीम ने क्षेत्र का दौरा किया। यहां से रिपोर्ट दिल्ली सरकार को गई। जिसमें कहा गया कि अवैध माइनिग करने वालों ने यमुना का बहाव मोड़ दिया है। इसकी वजह दिल्ली को कम पानी मिल रहा है। इस रिपोर्ट के बारे में दिल्ली सरकार ने भी ट्वीट किया। जिसके बाद ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। कनालसी, मंडौली, बीबीपुर, गुमथला और नगली में अस्थायी पुलों को ढहाया गया। लाभ उठाने वालों पर बनता है केस : एडवोकेट

अवैध खनन और ओवर लोड के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाने वाले एडवोकेट वरयाम सिंह का कहना है कि नियमानुसार तो उन सभी पर केस दर्ज होना चाहिए, जो इन पुल व बांधों से लाभ उठा रहे थे। संबंधित अधिकारी भी संदेश के घेरे में है, ये निर्माण कैसे हो गया। इस दौरान अधिकारी कहां थे। कोर्ट को इस मामले के बारे भी अवगत कराया जाएगा। अवैध माइनिग के अलावा कुछ साइटों पर माइनिग नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अंजान बने हुए है। माइनिग नियम के मुताबिक ही होनी चाहिए। माफिया ने फिर कर लिया निर्माण

खनन माफिया ने गुमथला में सिचाई विभाग की कार्रवाई के अगले दिन ही निर्माण कर लिया। इसकी शिकायत प्रशासन को मिली तो फिर टीम पहुंची और अवैध पुलों को हटाया गया। एरिया के लोगों का कहना है कि खनन सत्ता और विपक्ष की शह पर होती है। इसलिए अधिकारी भी कड़ी कार्रवाई नहीं करते। जठलाना एरिया में भी बांधों को हटवाया, लेकिन किसी भी आरोपित पर केस दर्ज नहीं करवाया गया। बताया जा रहा है कि जो लोग यहां पर खनन कर रहे हैं, वे भी सत्ता पक्ष के खास हैं। इसलिए पुलिस प्रशासन भी हाथ डालने से पीछे हट रहा है। यह कार्रवाई भी केवल दिल्ली जल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद अधिकारियों ने दबाव में की। मंडौली, बीबीपुर में यमुना का बहाव मोड़ने वालों पर केस

पिछले दिनों कनालसी में 22 ग्रामीणों और एमएस बिल्डटेक नाम की फर्म पर सिचाई विभाग के एसडीओ जसविद्र सिंह के बयान पर केस दर्ज हुआ। हालांकि अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। अब मंडौली और बीबीपुर में भी इसी तरह से यमुना का बहाव मोड़ने वालों पर केस दर्ज करवाया गया है, लेकिन किसी भी आरोपित का नाम नहीं दिया गया है। बताया जा रहा है कि अधिकारी खुले तौर पर खनन माफिया का पक्ष ले रहे हैं। जिस वजह से किसी को भी आरोपित नहीं बनाया गया। अधिकारियों को इन खनन करने वालों के नाम भी पता है, लेकिन उनको बचाने के लिए ही अज्ञात में केस दर्ज कराए हैं। कोट्स :

बूड़िया थाना प्रभारी रामकुमार ने बताया कि सिचाई विभाग के अधिकारियों की ओर से पत्र मिला। इस केस दर्ज कर लिया गया है। पत्र में किसी का भी नाम नहीं दिया गया है।

Posted By: Jagran

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