जागरण संवाददाता, यमुनानगर : उद्योग-व्यापार को लेकर जिले ने विश्व के मानचित्र पर पहचान बनाई है। 20 प्लाईवुड इकाइयों से बढ़कर एक हजार तक पहुंच गई हैं। मानकपुर और मंडोली दो लक्कड़ मंडियों में सामान्य दिनों में प्रतिदिन दो हजार से अधिक ट्रालियों की खरीद फरोख्त हो रही है। वर्ष-1995-96 में असम में प्रतिबंध के बाद शहर में प्लाईवुड उद्योग आया। शुरुआती दौर में यहां 20 प्लाईवुड इकाइयां थी। यहां का प्लाईवुड और प्लाईबोर्ड विदेशों में निर्यात हो रहा है। करीब दो लाख परिवारों को इस उद्योग ने रोजगार दिया है। प्लाईवुड इकाइयों के अलावा यहां पीलिग 312, आरे 505 और 60 चिप्पर हैं।

पहले सीएम व विधानसभा अध्यक्ष जिले से बने

पंडित भगवत दयाल शर्मा (1 नवंबर, 1966- 23 मार्च, 1967) हरियाणा बनने के बाद 1967 में हुए आम चुनाव में यमुनानगर से प्रतिनिधित्व किया। वे 10 मार्च, 1967 को मुख्यमंत्री बने। प्रदेश के पहले सीएम बनने का गौरव उन्हें हासिल हुआ। उनके बेटा राजेश शर्मा भी मंत्री रहे। जगाधरी सीट से विधायक बनी शन्नो देवी हरियाणा की पहली विधानसभा अध्यक्ष बनी थी। 2009 में जगाधरी के विधायक अकरम खान डिप्टी स्पीकर और 2014 के जगाधरी विधानसभा क्षेत्र से जीतकर कंवरपाल विधानसभा अध्यक्ष रहे।

विकास को दी गति

प्लाईवुड एसोसिएशन के आल इंडिया के प्रधान देवेंद्र चावला का कहना है कि वर्ष-1995-96 में अस्तित्व में आने के बाद जिले के प्लाईवुड उद्योग ने बहुत तरक्की की है। शहर को ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम भूमिका रही है। विश्व में अपनी पहचान बनीं और लाखों लोगों को रोजगार मिला है। इसके अलावा भी सैकड़ों औद्योगिक इकाइयां जिला बनने के बाद लगी हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में हुई तरक्की

महाराजा अग्रसेन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पीके वाजपेयी का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में जिले ने बेपनाह उन्नति की। पहले शिक्षण संस्थानों की संख्या सीमित थी, लेकिन आज गैर सरकारी के साथ ही सरकारी कॉलेजों की संख्या भी बढ़ी है। रादौर, बिलासपुर और छछरौली को सरकारी कॉलेज मिल गया। निजी कॉलेजों की संख्या भी कई गुणा अधिक हो गई है।

चिकित्सा क्षेत्र में हिस्से आई बड़ी उपलब्धियां

सामान्य अस्पताल यमुनानगर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया के मुताबिक चिकित्सा के क्षेत्र में जिले के हिस्से बड़ी उपलब्धियां आई हैं। जिला अस्पताल में 50 बेड का सरकारी अस्पताल दो सौ बेड का बनेगा। जगाधरी के अस्पताल के सौ बेड के होने की प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल 60 बेड का है। ग्रामीण क्षेत्रों में 14 पीएचसी और छह सीएचसी खुली हैं। पीपीपी मोड पर चिकित्सीय सुविधाओं का लाभ मिला। सिटी स्कैन की सुविधा है और डायलेसिस की सुविधा मिलनी है। निजी अस्पतालों की संख्या भी बढ़ी है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप