कौन हैं दिलजीत दोसांझ के साथ ‘सतलुज’ में नजर आईं ये दमदार एक्ट्रेस? हरियाणा की बेटी का बॉलीवुड में डंका
सोनीपत की गीतिका विद्या ओहल्यान ने मुंबई में अपनी पहचान बनाई है, फिल्म 'सतलुज' में उनके दमदार अभिनय की खूब ...और पढ़ें

दिलजीत दोसांझ के साथ सतलुज फिल्म में अदाकारा गीतिका विद्या ओहल्यान। फोटो: इंटरनेट
HighLights
सोनीपत की गीतिका विद्या ने 'सतलुज' में किया दमदार अभिनय
'सोनी' फिल्म के लिए क्रिटिक्स चॉइस बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड जीता
पिता के सपने और मां के संघर्ष से मिली अभिनय की प्रेरणा
विष्णु कुमार, सोनीपत। संघर्ष अगर गहरा हो, तो सफलता का परचम उतना ही ऊंचा फहराता है। इरादे मजबूत हों और दिल में कुछ कर गुजरने का जुनून, तो बड़ी से बड़ी बाधा भी मंजिल के आड़े नहीं आ सकती।
इसे साबित कर दिखाया है सोनीपत की माटी में पली-बढ़ी प्रतिभावान अभिनेत्री गीतिका विद्या ओहल्यान ने। मात्र एक वर्ष की उम्र में पिता का साया उठ जाने के बावजूद, शिक्षिका मां के संबल और खुद के अटूट हौसले के दम पर गीतिका ने मुंबई की मायानगरी में अपनी खास पहचान बनाई है।
पिछले दिनों रिलीज हुई फिल्म ''सतलुज'' को भले ही बेन कर दिया गया हो, लेकिन अभिनेता दिलजीत दोसांझ के साथ उनकी दमदार अभिनय क्षमता और संवाद अदायगी ने दर्शकों व समीक्षकों, दोनों का दिल जीत लिया है।
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भाई और भाभी के साथ।
मां के संघर्ष और पिता के अधूरे सपने से मिली प्रेरणा
दैनिक जागरण के साथ बातचीत में गीतिका ने बताया कि उनका परिवार मूलरूप से गढ़ी सांपला का रहने वाला हैं, लेकिन उनका जन्म सोनीपत में हुआ। वह जब महज एक वर्ष की थीं और पापा कहना भी ठीक से नहीं सीखा था, तब बीमारी के कारण उनके पिता सुरेंद्र कुमार का साया सिर से उठ गया था।
उस समय बड़े भाई कैप्टन बृजेश कुमार महज चार वर्ष के थे। इसके बाद उनकी शिक्षिका मां विद्या ओहल्यान ने अकेले ही संघर्ष का रास्ता चुनकर अपने बच्चों को हर मोड़ पर संभाला। गीतिका बताती हैं कि अभिनय उनकी रगो में बसा है। उनके पिता सुरेंद्र कुमार अभिनेता बनना चाहते थे, उन्होंने हरियाणवी फिल्म बहू रानी में भी काम किया था।
मां और नाना-नानी को मानती हैं अपना आदर्श
गीतिका अपनी मां विद्या ओहल्यान, नानी कपूरी देवी व नाना दलीप सिंह को ही अपना आदर्श मानती हैं। इसलिए वे अपने नाम के साथ मां का नाम भी लगाती हैं। वे बताती हैं कि घर में मिले समानता के माहौल, भाई-बहन में कभी कोई अंतर न करने और सपनों को पंख देने की आजादी ने उन्हें इस सफलता की दहलीज पर खड़ा किया है।
''सतलुज'' फिल्म में अपने किरदार को जीवंत करने का श्रेय वे अपनी मां व नानी के पहनावे, आचरण और पंजाब व हरियाणा की साझी संस्कृति से मिले संस्कारों को देती हैं।
यही कारण रहा कि उन्हें इस फिल्म में परमजीत कौर की भूमिका निभाने, सिर पर चुन्नी रखने और ओढ़ने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। इस फिल्म में अपने किरदार को लेकर उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरी। उनका कहना है कि सच्ची घटना पर आधारित इस फिल्म पर बेन लगना दिल को दुख पहुंचाता है।
थिएटर ने निखारी एक्टिंग, 7 फिल्मों में किया काम
गीतिका ने हिंदू विद्यापीठ से आठवीं तक की पढ़ाई की, लिटिल एंजल्स से नौवीं व 10वीं और जानकीदास कपूर स्कूल से 11वीं व 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के किरोड़ीमल काॅलेज से उन्होंने अंग्रेजी आनर्स और अंग्रेजी लिटरेचर में मास्टर डिग्री की।
कालेज के दिनों में ही थिएटर से जुड़ाव ने उनके भीतर छिपी अभिनय कला को निखारा। इस दौरान थियेटर जंगुरा किया था, जिसमें उन्होंने 300 एपिसोड (लाइव प्ले) किया था। इसी दौरान उन्हें पहली फिल्म का आफर मिला।
गीतिका अब तक सात फिल्मों के अलावा कई वेब सीरीज में काम कर चुकी हैं। वह अपनी आने वाली फिल्म व्हाॅट रिमेंस, हवाई फायर और मैं पल दो पल का शायर को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
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नाना-नाती और मां के साथ।
'सोनी' के लिए मिला बेस्ट एक्ट्रेस का अवाॅर्ड
अब तक कर चुकी यह फिल्में:-
- वर्ष 2019 में आई सोनी फिल्म में दमदार भूमिका निभाई।
- वर्ष 2020 में आई थप्पड़ में गीतिका ने तापसी पन्नू के साथ हरियाणा की सुनीता का किरदार निभाया था।
- वर्ष 2022 में आई अब तेरा क्या होगा लवली में उन्होंने चंद्रावल की भूमिका में दमदार अभिनय किया।
- वर्ष 2023 में आई दिल्ली डार्क में साउथ अफ्रीकन एक्टर के साथ लीड एक्ट्रेस मानसी की भूमिका निभाई।
- वर्ष 2024 में रिलीज हुई 12 बाई 12 में भी मानसी के रूप में अभिनय करती नजर आई।
- वर्ष 2024 में ही उनकी वेब सीरीज द ब्रोकन न्यूज आई।
- वर्ष 20226 में द पंजाब-95 आई, जिसका टाइटल बाद में सतलुज किया गया।
वर्ष 2019 में आई चर्चित फिल्म ''सोनी'' से गीतिका ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में पुलिस आफिसर के दमदार किरदार के लिए उन्हें क्रिटिक्स च्वाॅइस फाॅर बेस्ट एक्ट्रेस के प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया था।
इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों और वब सीरीज में अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया। आज सोनीपत की यह बेटी न केवल अपनी मां के त्याग को सार्थक कर रही है, बल्कि हर उस युवा के लिए मिसाल बनी हैं जो संघर्षों के बीच अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखता है।
