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सोनीपत: कर्ज के दलदल में फंसे पब्लिक हेल्थ विभाग के चौकीदार ने की आत्महत्या, सरकारी क्वार्टर में मिला शव

Published: Thu, 10 Sep 2026 08:22 PM (IST)

सोनीपत में पब्लिक हेल्थ विभाग के चौकीदार हिमांशु ने नशे की लत और कर्ज के दबाव के चलते सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

मृतक की फाइल फोटो।

मृतक की फाइल फोटो।

HighLights

  1. पब्लिक हेल्थ विभाग के चौकीदार हिमांशु ने की आत्महत्या।

  2. नशे की लत और भारी कर्ज से था परेशान।

  3. फाइनेंसरों और विभागीय कर्मचारी पर उत्पीड़न का आरोप।

जागरण संवाददाता, सोनीपत। नशे की लत ने एक युवक को कर्ज के जाल में ऐसा फंसाया कि आखिरकार उसने अपनी जिंदगी खत्म कर ली।

पब्लिक हेल्थ विभाग में चौकीदार के पद पर कार्यरत हिमांशु का शव बृहस्पतिवार को हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित सरकारी क्वार्टर में फंदे से लटका मिला।

स्वजन का आरोप है कि कई फाइनेंसरों के कर्ज और लगातार बढ़ते दबाव के कारण वह मानसिक रूप से परेशान था। मृतक की मां नीतू का आरोप है कि बेटे हिमांशु ने उन्हें बताया था कि बृहस्पतिवार को एक फाइनेंसर को 40 हजार रुपये देने थे।

रुपये नहीं देने पर उसे उठाकर ले जाने की धमकी दी जा रही थी। मामले की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है।

बीमारी के चलते दो साल पहले हुई थी हिमांशु के पिता की मौत

नीतू ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले बीमारी के चलते हिमांशु के पिता हरबंस की मौत हो गई थी। इसके बाद अनुकंपा के आधार पर हिमांशु को पब्लिक हेल्थ विभाग में नौकरी मिली थी।

वह हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पानी की टंकी के पास स्थित सरकारी क्वार्टर में अपनी मां के साथ रहता था। उसकी बहन की शादी हो चुकी है।

मां के अनुसार, पिता की मौत के बाद हिमांशु नशे की गिरफ्त में आ गया था। नशे की जरूरत पूरी करने के लिए उसने अलग-अलग फाइनेंसरों से करीब तीन से चार लाख रुपये उधार लिए थे। इसके बाद कर्ज बढ़ता चला गया और फाइनेंसर लगातार रुपये लौटाने का दबाव बनाने लगे।

एक दिन पहले भी कुछ लोग ले गए थे हिमांशु को

नीतू का आरोप है कि एक दिन पहले भी कुछ लोग हिमांशु को अपने साथ ले गए थे। रुपये लौटाने का आश्वासन देने के बाद उसे छोड़ा गया था। बृहस्पतिवार को फिर 40 हजार रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा था।

स्वजन का आरोप है कि फाइनेंसरों ने हिमांशु की बैंक पासबुक और बाइक भी अपने पास गिरवी रखवा ली थी। मां का आरोप है कि कुछ फाइनेंसर 10 प्रतिशत ब्याज लेते थे, जबकि एक फाइनेंसर 40 प्रतिशत तक ब्याज वसूलता था।

समय पर ब्याज नहीं देने पर बाइक भी अपने पास रख ली गई। आरोप है कि जब हिमांशु समय पर ब्याज की रकम नहीं चुका पाता था तो कुछ फाइनेंसर उसे जबरन अपने साथ ले जाते थे। उसके साथ मारपीट की जाती थी और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। इन दबावों के चलते वह लगातार तनाव में था।

विभागीय कर्मचारी पर भी लगाए आरोप

स्वजन ने पब्लिक हेल्थ विभाग के कर्मचारी मनजीत पर भी हिमांशु को मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि हिमांशु की बाइक उसके पास गिरवी थी और विभागीय जांच खुलवाने की धमकी दी जाती थी। साथ ही, वेतन दिलाने के नाम पर हर महीने रुपये लेने का भी आरोप लगाया गया है।

सामने आ रहा है कि युवक नशे का आदी था। जिसके चलते उसने कई लोगों से रुपये का लेनदेन कर रखा था। फिलहाल स्वजन के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विकास कुमार, जांच अधिकारी, थाना सिविल लाइन।