सोनीपत सेक्टर-23 की लोकल सड़क पर 90 की स्पीड से दौड़ रहे वाहन, हादसों से डर का माहौल; अफसरों पर लगे गंभीर आरोप
सोनीपत के सेक्टर-23 में तेज रफ्तार वाहनों के कारण लगातार हो रहे सड़क हादसों से लोग दहशत में हैं। निवासियों ...और पढ़ें
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सोनीपत में सेक्टर-23 की लोकल सड़क पर तेज रफ्तार में दौड़ रहे वाहन। AI जनरेटेड इमेज
HighLights
सेक्टर-23 में तेज रफ्तार वाहनों से सड़क हादसे बढ़ रहे हैं।
अधिकारियों पर शिकायतों को अनसुना करने का गंभीर आरोप लगा है।
निवासी सड़कों पर स्पीड ब्रेकर लगाने की तत्काल मांग कर रहे हैं।
डिजिटल डेस्क, सोनीपत। सोनीपत के सेक्टर-23 में सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां आए दिन हो रहे सड़क हादसों से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। सेक्टर-23 के लोगों ने कई बार हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी और नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।
सोनीपत के सेक्टर-23 के लोगों का कहना है कि सेक्टर को विकास नगर से जोड़ने वाली लोकल सड़क रोज का खतरा बन गई है, जहां दोपहिया वाहन 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि अधिकारियों से बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सड़क हादसे में बच्चा घायल
सेक्टर-23 की सबसे ताजा घटना 19 अक्टूबर की है। 19 अक्टूबर को सुबह करीब 8:50 बजे तेज रफ्तार स्कूटी ने सड़क पर एक बच्चे को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बच्चे की कॉलर बोन (हंसली की हड्डी) टूट गई। लोगों का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। इस मार्ग पर कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग अक्सर घायल होते रहे हैं।
घर से निकलने में सुरक्षित नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क मोहल्ले के धीमे यातायात के लिए बनी थी, लेकिन अब राहगीर इसे शॉर्ट-कट की तरह इस्तेमाल करते हैं और इस पर खुले हाईवे की तरह वाहन दौड़ाते हैं। कई निवासियों ने बताया कि उन्हें घर से बाहर कदम रखने में भी डर लगता है।
अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
सेक्टर-23 के रहने वाले केहर सिंह का कहना है कि निवासी जितेंद्र, राजेश, कुलदीप, भरम सिंह और बिजेंद्र ने भी उनके साथ मिलकर हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HUDA) और नगर निगम (MCD) के अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।
निवासियों की मांग है कि वाहनों की रफ्तार कम करने के लिए सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं। उनका तर्क है कि इस बुनियादी सुरक्षा उपाय की भी अनदेखी की गई है। निवासियों ने सेक्टर की सड़कों के लिए आवंटित धन के उपयोग पर भी सवाल उठाए हैं।
लोगों का आरोप है कि सेक्टर में सड़क कार्यों पर भारी खर्च सिर्फ कागजों में दिखाया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुरक्षा इंतजामों में उसके अनुरूप कोई सुधार नजर नहीं आता।
लोगों ने बताया कि पहले भी एक बच्चा हादसे में गंभीर रूप से घायल हो चुका है। उनका कहना है कि अधिकारियों को किसी और बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए।
