24 घंटे बाद भी मोर्चरी में पड़ा प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद का शव, घरवालों की शर्त- पहले करो हत्यारों को गिरफ्तार
प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद कुमार का शव 24 घंटे बाद भी मोर्चरी में है, क्योंकि उनके परिजन और नाहरी गांव के ...और पढ़ें

मृतक प्रॉपर्टी डीलर के घर पर रिश्तेदारों की भीड़ उमड़ी हुई है। जागरण
HighLights
प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद का शव 24 घंटे से मोर्चरी में।
परिजनों ने हत्यारों की गिरफ्तारी तक शव लेने से मना किया।
ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई पर भरोसा न होने पर बैठक की।
जागरण संवाददाता, राई (सोनीपत)। नाहरी गांव के रहने वाले और पेशे से प्राॅपर्टी डीलर प्रमोद कुमार की नरेला क्षेत्र में हुई के बाद उसके स्वजन और गांववालों में भय मिश्रित आक्रोश और तनाव है। यहां के लोग दिल्ली पुलिस की पेशेवर क्षमता पर विश्वास नहीं कर रहे हैं।
गांव वालों का भरोसा कायम रखने के लिए बाहरी-उत्तरी जिले के डीसीपी वीरवार-शुक्रवार की रात एक बजे मृतक के घर पहुंचे। उधर गांववालों ने एकमत से हत्यारोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने तक प्रमोद के शव को लेने से इंकार कर दिया है।
नाहरी गांव में सुबह से ही मृतक के घर पर आकर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। नौ बजते-बजते वहां पर गांव के दोनों सरपंच, कई पूर्व सरपंच और मौजिज लोगों ने एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में प्रमोद के भाई विनोद आदि भी रहे।
रात के समय प्रमोद के घर आकर हत्यारोपितों की शुक्रवार दोपहर तक गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने पर भी बैठक में चर्चा हुई। उसके बाद गांव वालों ने निर्णय लिया कि पुलिस कार्रवाई का परिणाम देखने के बाद अगले कदम उठाने की घोषणा की जाएगी। तब तक प्रमोद का शव क्लेम नहीं किया जाएगा।
प्रमोद का शव पोस्टमार्टम होने के 20 घंटे बाद भी बाबू जगजीवन राम अस्पताल की मोर्चरी में रखा है। गांववालों का कहना है कि वारदात का पता लगने के बाद से आस-पास की पंचायतों ने भी पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति जतलाई है और उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है।
