जागरण संवाददाता, सोनीपत : घने कोहरे और शीतलहर के चलते शुक्रवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। सुबह को इस साल का सबसे घना कोहरा रहा, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हाईवे पर रातभर वाहन रेंग-रेंगकर चले। दोपहर को दो सप्ताह बाद धूप निकली। हल्की धूप निकलने से थोड़ी राहत मिली, लेकिन दोपहर बाद ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सर्द हो गया। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही रविवार से कम तापमान के चलते ठिठुरन का सामना करना पड़ेगा। हालांकि दोपहर में हल्की धूप खिलने से राहत मिल सकेगी। मौसम का पूर्वानुमान :

दिन न्यूनतम----अधिकतम

शुक्रवार - ......... 08- 16

शनिवार - ......... 07-15

रविवार - ......... 05-15

सोमवार - ......... 04-16

मंगलवार - ......... 04-15

(डिग्री सेल्सियस में)

वायु प्रदूषण भी बरकरार :

वायु गुणवत्ता सूचकांक ....... 115

पीएम-10 ........... 212

पीएम-2.5 .......... 167

फसलों के लिए लाभकारी है मौसम :

फसल ...... रकबा

गेहूं ..... 145,000 हेक्टेयर

सरसों -------- 5,300 हेक्टेयर

आलू ..... 15,000 हेक्टेयर

सब्जियां .... 3,40,000 हेक्टेयर

गन्ना ...... 14,000 एकड़ पांच साल में सबसे ज्यादा सर्द रहा शुक्रवार :

साल न्यूनतम----अधिकतम

2018 ........14- 26

2019 ........13- 21

2020 ........10- 18

2021 ........08- 20

2022 ........ 08- 16

हो सकती है बारिश

मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ का सामना करना पड़ेगा। इससे बादल छाने और तेज हवा चलने के साथ ही कई क्षेत्रों में हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान है। बारिश होने से कोहरे और प्रदूषण से राहत मिलेगी, लेकिन शीतलहर का सामना करना पड़ेगा। बारिश को फसलों के लिए लाभकारी माना जा रहा है। अभी झेलनी होगी शीतलहर :

मौसम विभाग के अनुसार रविवार से शुरू होने वाले सप्ताह में भी शीतलहर का सामना करना पड़ेगा। पहाड़ी क्षेत्रों से चल रही ठंडी हवाओं से मैदानी क्षेत्रों में तापमान गिरेगा तो पाला गिरने का भी पूर्वानुमान है। पाला गिरने से लोगों को सुबह-शाम ठिठुरन का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में दोपहर में सर्दी से थोड़ी राहत मिल सकती है।

यह सप्ताह मौसम में उतार-चढ़ाव का है। पहाड़ों पर बर्फबारी होने तक मैदानी क्षेत्रों में भी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। ठंडी हवाओं से बचकर रहने की जरूरत है। मौसम से फसलों को फायदा होने की उम्मीद है।

- डा. प्रेमदीप सिंह, कृषि विज्ञानी, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत

Edited By: Jagran