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पावर ग्रिड की लाइन का काम रुकवाने निकले किसान, पुलिस ने रोका तो वहीं शुरू कर दिया धरना

Published: Tue, 29 Sep 2026 08:35 PM (IST)

खरखौदा के सोहटी में किसानों ने पावर ग्रिड की हाईटेंशन लाइन के काम को रुकवाने के लिए महापंचायत के बाद ...और पढ़ें

किसान कर रहे धरना। जागरण

किसान कर रहे धरना। जागरण

HighLights

  1. किसान पावर ग्रिड की हाईटेंशन लाइन का काम रुकवाने निकले।

  2. बाजार भाव पर जमीन के मुआवजे की मांग कर रहे किसान।

  3. पुलिस ने रोका तो किसानों ने मौके पर ही धरना दिया।

संवाद सहयोगी, खरखौदा। पावर ग्रिड की हाईटेंशन लाइन का काम रुकवाने के लिए मंगलवार को सोहटी में आयोजित महापंचायत के बाद किसानों ने निर्माण स्थल की तरफ कूच कर दिया। किसानों के कूच को देखते हुए पुलिस ने मौके पर बेरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया।

संघर्ष के दौरान कुछ बेरिकेड्स किसानों ने सड़क किनारे ढलान की तरफ फेंक दिए, इसके बाद किसानों ने बेरिकेड्स के सामने ही दरियां बिछाकर धरना शुरू कर दिया। किसानों के धरने के चलते मौके पर कई घंटे तक पुलिस और किसानों के बीच नोंक-झोंक होती रही।

सोहटी में हुई महापंचायत में किसानों ने पावर ग्रिड की ओर से बिछाई जा रही हाईटेंशन लाइन का काम रुकवाने का एलान किया और ड़ेढ बजे तक का प्रशासन को समय दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में किसान लाइन के निर्माण स्थल की तरफ बढ़ने लगे।

किसानों को रोकने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार बिजेंद्र नांदल की मौजूदगी में डीसीपी नरेंद्र कादियान की अगुवाई में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने किसानों को बेरिकेड्स लगाकर रोक लिया। जिसमें से किसानों ने कुछ को उठाकर फेंक भी दिया, लेकिन आगे बढ़ने नहीं देने पर किसानों ने वहीं धरना शुरू कर दिया।

मार्केट रेट पर मुआवजे की मांग

किसानों का कहना है कि राजस्थान के सीकर से हरियाणा होते हुए दिल्ली के नरेला तक पावर ग्रिड की हाईटेंशन लाइन बिछाई जा रही है। यह लाइन क्षेत्र के पहलादपुर, किढौली, सोहटी और निजामपुर खुर्द गांवों से होकर गुजर रही है। सरकार की ओर से जमीन और लाइन के लिए जो मुआवजा तय किया जा रहा है, वह किसानों को स्वीकार नहीं है।

किसान जमीन का मुआवजा बाजार भाव के आधार पर देने की मांग कर रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि पहले भी जमीन का रेट तय करने के लिए लाटरी सिस्टम अपनाया गया, जिससे किसान संतुष्ट नहीं हैं। इसी को लेकर किसान लंबे समय से मुआवजा संशोधित करने की मांग उठा रहे हैं।

बीते करीब एक माह से सोहटी में इसे लेकर धरना चल रहा है, दो बार काम रुकवाने का प्रयास हुआ, जिसमें 21 सितंबर को काफी किसानों के पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया था, जिसके बाद ही मंगलवार की महापंचायत की काल किसानों ने की थी।

पहले मुआवजा, फिर काम शुरू करने की बात

मौके पर किसानों को समझाते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट बिजेंद्र नांदल ने कहा कि जिस पंचायती जमीन पर काम किया जा रहा है, उसका मुआवजा पंचायत के खाते में पहुंच चुका है। वहीं जिस किसान की निजी जमीन पर लाइन का काम किया जाना है, उसके खाते में पहले मुआवजा राशि जमा करवाई जाएगी और इसके बाद ही काम शुरू कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान को मुआवजा राशि पर आपत्ति है और वह इसे संशोधित करवाना चाहता है तो वह इसके लिए अपील कर सकता है। किसानों ने मौके पर ही प्रशासन की इस बात को मानने से इंकार कर दिया। किसानों का कहना था कि उनकी मुख्य मांग मुआवजे को बाजार भाव के अनुरूप संशोधित करने की है।

किसानों के पीछे नहीं हटने पर पुलिस ने बेरिकेड्स के आगे सुरक्षा बढ़ा दी। मौके पर पानी की बौछार के लिए वाहन और आंसू गैस के इंतजाम भी किए गए। देर तक किसान बेरिकेड्स के सामने धरने पर बैठे रहे और मुआवजे की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखा। समाचार लिखे जाने तक भी किसान धरने पर डटे हुए थे।