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सोनीपत: ड्रेन नंबर 8 के दूषित पानी से फसलें चौपट, किसानों ने की तटबंध निर्माण व मुआवजे की मांग

Published: Thu, 17 Sep 2026 06:25 PM (IST)

सोनीपत के भैरा-बांकीपुर गांव के किसान ड्रेन नंबर 8 के ओवरफ्लो होने से परेशान हैं, जिसका दूषित पानी उनकी फसलों को चौपट कर रहा है।

ड्रेन नंबर 8 की फाइल फोटो।

ड्रेन नंबर 8 की फाइल फोटो।

HighLights

  1. सोनीपत के भैरा-बांकीपुर में ड्रेन 8 से फसलें खराब।

  2. दूषित पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में घुस रहा, तटबंध नहीं।

  3. किसानों ने मुख्यमंत्री से तटबंध और मुआवजे की मांग की।

संवाद सहयोगी, राई। सोनीपत के भैरा-बांकीपुर गांव के किसान खेतों से गुजर रही आठ नंबर ड्रेन को लेकर परेशान हैं। ड्रेन ओवरफ्लो होने से दूषित पानी उनकी फसलों को चौपट कर देता है है।

तटबंध नहीं होने ड्रेन ओवरफ्लो होकर उसका पानी खेतों में घुस जाता है और कई दिन पानी में डूबी रहने से फसल खराब हो जाती है। किसानों ने मुख्यमंत्री से फसल खराबा और ड्रेन के तटबंध बनाने की मांग उठाई है।

भैरा-बांकीपुर के पुल से आगे तक आठ नंबर ड्रेन का निर्माण किया गया है। इससे आगे इसे यमुना नदी के पुराने बहावों वाले हिस्से में अनियंत्रित तरीके से छोड़ दिया गया।

यह ड्रेन लगभग दो किलोमीटर तक खेतों से होकर बहती है। सोनीपत शहर से होकर आने वाली छह नंबर ड्रेन का भी सारा दूषित पानी बारोटा गांव के पास इसी में मिलता है। बाद में यह पानी में चला जाता है।

1970 के आसपास बनी थी ड्रेन नंबर 8

गांव के निवासी मोहन और जयराम शर्मा ने बताया कि वर्ष 1970 के आसपास बनी इस आठ नंबर ड्रेन को लगभग दो किलोमीटर हिस्सा खेतों से होकर गुजरता है।

इतनी दूरी तक ड्रेन पर कोई तटबंध नहीं है। ओवरफ्लो होने पर रसायनयुक्त यह पानी खेतों में घुसकर फसल को खराब करता है। इससे खेतों की उपजाऊ शक्ति भी घटती है।

हमारी सरकार से मांग है कि किसानों को होने वाले नुकसान से बचाया जाए। खेतों से होकर गुजर रही ड्रेन पर तटबंधों का शीघ्र ही निर्माण करवाया जाए। साथ ही जिन किसानों की जमीन से होकर यह ड्रेन गुजर रही है उन्हें वर्तमान दरों पर उचित मुआवजा दिया जाए। इस संबंध में पिछले वर्ष सीएम को भी मांगपत्र सौंपा गया था, जब वे गांव में महाराणा प्रताप की मूर्ति का अनावरण करने के लिए आए थे।
- कमलेश, सरपंच, भैरा-बांकीपुर-बसंतपुर

पक्की सड़क पर भैरा-बांकीपुर पुल से काफी आगे तक आठ नंबर ड्रेन बनाई गई है। इसके आगे छह सौ मीटर तक यमुना नदी का कैचमेंट एरिया हैं, यहां पर ड्रेन के पानी को छोड़ा गया है। कैचमेंट एरिया में ड्रेन का निर्माण नहीं किया गया है, इसलिए तटबंध भी नहीं बनाए जा सकते।
- मुकेश, एसडीओ, सिंचाई विभाग, हरियाणा