सोनीपत में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, अब शहर से कचरा हटाने की बड़ी चुनौती
सफाई कर्मचारियों की एक महीने लंबी हड़ताल के बाद सोनीपत शहर में सफाई व्यवस्था पटरी पर लौट रही है। नगर ...और पढ़ें

अब सोनीपत में कचरे से निपटने की चुनौती। जागरण
HighLights
एक महीने बाद सोनीपत में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त।
शहर में 500 टन से अधिक कचरा जमा, हटाना चुनौती।
नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान शुरू किया, डोर-टू-डोर कलेक्शन भी।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। एक महीने से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण ठप पड़ी शहर की सफाई व्यवस्था अब पटरी पर लौटने लगी है, लेकिन निगम के सामने असली चुनौती अब जमा कचरे को हटाने की है।
हड़ताल के दौरान शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर 500 टन से ज्यादा कचरा जमा हो चुका है। अब कर्मचारियों के काम पर लौटने के बाद नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान शुरू किया है।
स्थिति यह है कि सफाई कर्मचारियों को एक तरफ हर दिन निकलने वाला कचरा उठाना है, वहीं दूसरी तरफ पिछले करीब एक महीने से जमा कचरे के ढेर भी हटाने हैं। ऐसे में रोजाना की सफाई व्यवस्था सामान्य करने के साथ पुराने कचरे को खत्म करना निगम के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
नगर निगम ने सफाई टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में भेजकर कचरा उठाने का काम शुरू कर दिया है। प्राथमिकता के आधार पर बाजारों, मुख्य सड़कों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रमुख स्थानों से कचरे के ढेर हटाए जा रहे हैं। इसके बाद गलियों और कालोनियों में जमा कचरा उठाया जाएगा।
निगम ने रखा चार दिनों का लक्ष्य
निगम ने अगले चार दिनों में प्रमुख स्थानों पर जमा कचरे के ढेर हटाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि पूरे शहर को सामान्य स्थिति में लाने में इससे ज्यादा समय लग सकता है, क्योंकि रोजाना निकलने वाले कचरे के साथ पुराने ढेर भी लगातार उठाने पड़ेंगे।
सफाई व्यवस्था में एक और बड़ी अड़चन एजेंसी की लापरवाही को लेकर है। निगम के पास कूड़ा उठाने के लिए एजेंसी के वाहन उपलब्ध हैं, लेकिन सभी वाहन फील्ड में नहीं चल रहे हैं।
करीब आधे वाहन ही मैदान में होने से पुराने कचरे को तेजी से उठाने में परेशानी आ रही है। ऐसे में निगम को अपनी अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ेगी।
पुराने कचरे को तेजी से उठाने के लिए ज्यादा वाहन और अतिरिक्त संसाधन लगाए बिना शहर को पूरी तरह साफ करना मुश्किल होगा।
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन भी हुआ शुरू
हड़ताल के कारण प्रभावित हुई डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था भी दोबारा शुरू की जा रही है। इससे घरों से निकलने वाला रोजाना का कचरा उठाया जाएगा, लेकिन बड़ी चुनौती यह है कि पुराने कचरे का को भी खत्म करना होगा। यानी निगम के सामने अब दोहरी जिम्मेदारी है। एक तरफ शहर में रोज पैदा होने वाला कचरा, दूसरी तरफ एक महीने से जमा कचरे के ढेर उठाना।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो चुकी है। अगले दो दिनों में बाजारों, मुख्य सड़कों और प्रमुख स्थानों पर पड़े कचरे के ढेर प्राथमिकता के आधार पर हटाए जाएंगे। इसके बाद गलियों और मोहल्लों में सफाई व्यवस्था सामान्य की जाएगी। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन भी शुरू किया जा रहा है। निगम का प्रयास है कि जल्द से जल्द शहरवासियों को गंदगी से राहत मिले।
राजीव जैन, मेयर, नगर निगम।
