जागरण संवाददाता, सोनीपत : नगराधीश डा. अनमोल ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में आयोजित सीएम विडो, सरल तथा ई-आफिस की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में ई-आफिस को गति देने की सर्वाधिक आवश्यकता है। समय की बचत के साथ फाइल गुम होने का खतरा नहीं रहता। किसी भी समय अधिकारी फाइल निकाल सकते हैं। सभी दस्तावेज बेहद सुरक्षित रूप में रहते हैं।

नगराधीश ने कहा कि सभी विभाग ई-आफिस के माध्यम से ही फाइलों का आदान-प्रदान करें। फाइलों की भौतिक रूप से मूवमेंट न की जाए, जिन विभागों में ई-आफिस के माध्यम से फाइलों की मूवमेंट कम हो रही है, उन विभागों के विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि फाइलों की मूवमेंट ई-आफिस प्रणाली के माध्यम से ही हो और भौतिक रूप से फाइलों को स्वीकार न किया जाए। ई-आफिस प्रणाली से न केवल विभागीय कार्य में पारदर्शिता आती है बल्कि इस प्रणाली फाइल प्रोसेसिग में समय की भी बचत होती है।

ई-आफिस कार्य में संबंधित विभागाध्यक्ष स्वयं रुचि लेकर गंभीरता से अपना दायित्व निभाएं। इस कार्य में किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर इस कार्य में कोई तकनीकी समस्या आ रही है तो नगराधीश कार्यालय, मुख्यमंत्री की सुशासन सहयोगी या एनआइसी में जूनियर प्रोग्रामर को तुरंत अवगत करवाएं। नगराधीश ने सीएम विडो की गंभीरता के साथ समीक्षा कर लंबित शिकायतों को लेकर जवाब मांगा।

उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत लंबित नहीं होनी चाहिए। निर्धारित समयावधि में शिकायतों का समाधान करें। साथ ही उन्होंने कहा कि एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) भी समय पर प्रेषित करें। संबंधित शिकायतों पर की जाने वाली कार्रवाई पोर्टल पर अपडेट करवाएं। बैठक में मुख्यमंत्री की सुशासन सहयोगी (सीएमजीजीए) ज्योति, तहसीलदार सोनीपत मनोज, डिप्टी डीईओ नवीन गुलिया, बीडीपीओ मनीष मलिक, राजेश व दीपिका आदि अधिकारीगण मौजूद थे।

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