जागरण संवाददाता, सोनीपत : बाल कल्याण विभाग के मंडल प्रभारी व प्रदेश के बाल मनोविज्ञान प्रभारी अनिल कुमार मलिक ने लोगों को सावधान किया है कि बचपन बेहद तनाव में जी रहा है। हमने व्यस्तता, संकोच व सम्मान की ऐसी दीवार खड़ी कर ली है, जिसमें बच्चे घुट रहे हैं। तत्काल सावधान नहीं हुए तो बच्चे असुरक्षित हो जाएंगे। अपराध ऐसे ही बच्चों के साथ होते हैं, जो अपनी बात को परिजनों से साझा नहीं कर पाते हैं। इसके लिए जरूरी है कि अपने बच्चों के साथ बैठकर मित्र की तरह बात करें। वह बुधवार को बाल भवन में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद सचिव कृष्ण ढुल के निर्देश पर रोहतक मंडल के पांचों जिलों रोहतक, सोनीपत, भिवानी, झज्जर और दादरी में बच्चों का फोन के साथ योजना शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव व दबाव में बच्चा मनोविकार से ग्रस्त होकर किसी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकता है। इसके लिए जरूरी है कि बच्चों के साथ समय बिताने की शुरुआत आज से ही कर दें। इसके साथ ही हम प्रत्येक विद्यालय में बाल मनोविज्ञान केंद्र शुरू करा रहे हैं। ऐसे 93 केंद्र प्रदेश में शुरू हो चुके हैं, जिनमें से सोनीपत में 10 संचालित हैं। स्वजनों को बच्चों के साथ परवरिश, सुरक्षा, संरक्षण और वातावरण पर खुलकर बातचीत शुरू करनी होगी। बच्चों के हार्मोनल व इमोशनल बदलाव पर नजदीक से नजर रखें। शर्म का पर्दा हटाएं और उनको समझाएं कि क्या करना है और क्या नहीं करना है। इसके लिए सरकार सोशल वर्कर और अफसरों के ग्रुप बना रही है। इसके साथ ही रात में अभिभावकों से मुलाकात का कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा। बच्चे महीने के दूसरे व चौथे बुधवार को दोपहर तीन से चार बजे तक मोबाइल 82 782 28 020 पर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे। इस मौके पर जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा हुड्डा, परियोजना संयोजक उदयचंद, सहायक कार्यक्रम अधिकारी धर्मपाल सिंह, समाजसेवी मोहनसिंह मनोचा, दीपक मंथन आदि मौजूद रहे।

सोनीपत में होगा प्रदेश सम्मेलन

बाल मनोविज्ञान परियोजना के प्रदेश प्रभारी अनिल कुमार मलिक ने बताया कि बच्चों की मनोवैज्ञानिक परवरिश के लिए बाल कल्याण विभाग प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम शुरू करेगा। इसके लिए फरवरी में प्रदेश सम्मेलन सोनीपत के गन्नौर में किया जाएगा। उसके प्रदेश के सभी जिलों से शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्रत्येक जिले से पांच-पांच प्रधानाचार्य, पांच-पांच अभिभावकों व प्रमुख समाजसेवियों को आमंत्रित किया जाएगा। उनके साथ बच्चों को अपराध से बचाने व संवाद कायम करने के संबंध में कार्यशाला आयोजित की जाएगी।

Posted By: Jagran

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