जागरण संवाददाता, सोनीपत: पहली बार मतदान करने का विचार करके ही युवा रोमांचित हो रहे हैं। युवाओं का मानना है कि यदि हम अच्छे लोगों का चुनाव करना शुरू कर दें, तो पार्टियां अच्छे लोगों को ही टिकट देने लगेंगी। मतदान के समय एक ओर जहां पार्टियों की विचारधारा पर मंथन किया जाना चाहिए, वहीं प्रत्याशी के व्यक्तित्व को भी ध्यान में रखना जरूरी है। युवा चाहते हैं कि वोट करने से पहले बुद्धिजीवी वर्ग के साथ बैठकर समाज को मंथन करने की जरूरत है। युवा वर्ग वोट के महत्व को भी समझ रहा हैं और उसकी ताकत को भी। हम नौकरियों में योग्यता के आधार पर चयन करने वालों को मतदान करना चाहते हैं। चयन की प्रक्रिया पारदर्शी की जानी चाहिए, जिससे योग्यता के आधार पर चयन हो सके। प्रत्याशियों से हम पूछ रहे हैं कि युवाओं के कल्याण के लिए उनके पास क्या योजना है। बेरोजगारी खत्म करने के लिए वह क्या कदम उठाना चाहेंगे। हमारे वोट से चुनाव जीतकर अपने रिश्तेदारों की ही सिफारिश करने वालों को युवा सहन नहीं करेंगे।

- कुमारी साक्षी, स्नातक, प्रथम वर्ष मैं बूथ पर सबसे पहला वोट डालना चाहती हूं। इसके लिए अपनी सहेलियों से भी बातचीत की जा रही है। हम चाहते हैं कि युवाओं का वोट भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करने वालों को मिले। हम अकेले नहीं हैं, कालोनी के अन्य मतदाताओं को अपने साथ जोड़कर सही व्यक्ति व पार्टी को मतदान कराने का प्रयास कर रहे हैं।

- कुमारी प्रीति, स्नातक प्रथम वर्ष कानून व्यवस्था और नारी सुरक्षा को चुनावों में मुद्दा बनाया जाना चाहिए। नेता चुनावों के समय पर लोगों को मुद्दों से भटका देते हैं। अब हम मतदान करने योग्य हो गए हैं तो बदलाव चाहते हैं। हमारा प्रयास है कि अपने साथ ही अन्य मतदाताओं को भी जागरूक बनाया जाए, जिससे नेता अपने इशारों पर मतदान न करा सकें। कानून व्यवस्था में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।

- कुमारी कीर्ति, स्नातक प्रथम वर्ष चुनावों में शिक्षा, रोजगार और गरीबी को मुद्दा बनाया जाए। राजनीतिक दलों से इसके लिए कार्ययोजना पूछी जानी चाहिए। हम चाहते हैं कि पार्टियों के पिछले घोषणा पत्र निकलवाकर उनको पूरा करने की जानकारी ली जाए। पहली बार मतदान करने वाले हम लोग चाहते हैं कि हमारा लोकतंत्र जागरूक हो। प्रत्येक नागरिक की समस्याओं के प्रति जवाबदेह हो। लोगों को भी उनके वोट की कीमत समझाएंगे।

- कुमारी रचना, स्नातक प्रथम वर्ष मतदान का अधिकार मिलने से लगता है जैसे मुझको ही सरकार बनाने का अधिकार मिला है। ऐसे में मेरा मानना है कि विकास करने वाली संवेदनशील सरकार बने। हमने अपने कालेज और कालोनी में लोगों को समझाया है कि उनके वोट की कीमत क्या है? जागरूक मतदाता ही जवाबदेह सरकार बना सकते हैं। हमने अपना घोषणापत्र भी बनाया है। जिसके आधार पर प्रत्याशियों का पक्ष जानना चाहेंगे।

- कुमारी मीनाक्षी, स्नातक प्रथम वर्ष

Posted By: Jagran

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