जागरण संवाददाता, सोनीपत: नियम 134ए के तहत पात्रता हासिल करने के बावजूद जिले के 1,220 विद्यार्थी दाखिले से वंचित रह गए। अंतिम दिन भागदौड़ के बावजूद दाखिला न होने पर अभिभावकों ने सरकार पर निजी स्कूल संचालकों के दबाव में होने का आरोप लगाया है। छात्र-अभिभावक संघ ने वंचित रह गए विद्यार्थियों का उनके पुराने स्कूलों में ही दाखिला करवाएं जाने की मांग की है। दूसरी ओर अंतिम तिथि बढ़ने की चर्चा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में अभी कोई निर्देश नहीं मिले है।

चालू शैक्षणिक सत्र के बीच में शुरू की गई नियम 134 ए के तहत दाखिला प्रक्रिया के तहत पांच दिसंबर को मूल्यांकन परीक्षा हुई थी, जिसमें जिले में 2,544 विद्यार्थियों को निजी स्कूल अलाट किए गए थे। अंतिम तिथि 15 जनवरी तक 2,544 में से महज 1,015 विद्यार्थियों को ही दाखिला मिला। जबकि 309 विद्यार्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। 1,220 विद्यार्थी अभी भी दाखिला होने का इंतजार कर रहे हैं। अभिभावकों को बच्चों का साल खराब होने का डर सताने लगा है। वंचित विद्यार्थियों को पुराने स्कूलों में ही दाखिला दिलवाए सरकार : विमल किशोर

छात्र-अभिभावक संघ के संयोजक विमल किशोर ने कहा कि सरकार, प्रशासन और शिक्षा विभाग नियम 134ए के तहत पात्र विद्यार्थियों को दाखिला दिलवाने में विफल रही है। जिन बच्चों को अभी तक दाखिला नहीं हो पाया है, उनका दाखिला पुराने स्कूलों में करवाया जाए। सरकार से मांग है कि अब विद्यार्थियों को उनके पुराने स्कूलों में ही दाखिला करवाकर वहीं से परीक्षा दिलवाए और अगले सत्र में नियम 134 ए के तहत ड्रा में शामिल विद्यार्थियों का दाखिला नए स्कूलों में सुनिश्चित करवाए। स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। वंचित रह गए विद्यार्थियों को लेकर कोई न कोई हल जरूर निकाला जाएगा। अभी भी 1,220 विद्यार्थियों के दाखिले शेष हैं। अंतिम तिथि बढ़ाने या दाखिले से संबंधित किसी प्रकार के आदेश अभी तक नहीं मिले हैं। संभावना है कि अंतिम तिथि को बढ़ाया जाए।

मनोज वर्मा, प्रभारी, नियम 134ए, सोनीपत

Edited By: Jagran