जागरण संवाददाता, सोनीपत: उपायुक्त ललित सिवाच ने कहा कि पशुपालन एवं डेयरिग विभाग हरियाणा द्वारा पशुओं की देखरेख एवं पालन के लिए पशु किसान क्रेडिट कार्ड (पीकेसीसी) प्रदान किया जाएगा। किसान क्रेडिट कार्ड द्वारा पशुपालन करने वाले किसानों को कार्यशील पूंजी प्रदान की जाएगी। उपायुक्त ललित सिवाच ने कहा कि पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना पशुपालकों के लिए एक वरदान सिद्ध होगी।

उपायुक्त ललित सिवाच ने बताया कि पशुपालकों को एक गाय के लिए 40 हजार 783 रुपये, भैंस के लिए 60 हजार 249 रुपये, प्रत्येक भेड़, बकरी के लिए 4,063 रुपये तथा सुअर के लिए 16 हजार 249 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता राशि भैंस के लिए यह राशि छह महीने तथा भेड़, बकरी सुअर के लिए 12 महीनों में बराबर किस्तों में प्रदान की जाएगी। योजना के तहत कुकुट तथा मत्स्य पालन के लिए भी ऋण का प्रविधान है। उपायुक्त ने बताया कि योजना में एक लाख 60 हजार रुपये तक की राशि बिना किसी जमानत के प्रदान की जाएगी। ब्याज की दर साधारण सात प्रतिशत सालाना होगी। यदि पशुपालन ऋण का भुगतान समय पर कर देता है और एक वर्ष की समयावधि में एक बार ऋण मात्र शून्य कर देता है, तो ब्याज राशि पर तीन प्रतिशत छूट का भी प्रावधान है। यह छूट ज्यादा से ज्यादा तीन लाख रुपये तक के ऋण पर दी जाएगी। ऋण राशि तीन लाख रुपये से अधिक होने या समय पर भुगतान न करने की स्थिति में ब्याज का भुगतान 12 प्रतिशत सालाना की दर से करना होगा। कोई भी पशुपालक जिस भी पशुओं के विरुद्ध किसान क्रेडिट कार्ड लेना चाहता है, उसे उन पशुओं के कान में 12 अंकों वाला टैग लगवा कर, पंजीकरण एवं बीमा कराना होगा। उदाहरण के तौर पर यदि पशुपालक के पास दो गाय एवं एक भैंस है तो उसे बिना किसी जमानत के 1,41,815 रुपये का ऋण पशु किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से मिल सकता है, जो उसे छ: महीनों तक 23 हजार 635 रुपये की बराबर किश्तों में मिलेगा।

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