सोनीपत, जागरण संवाददाता। मानवता को तार-तार कर जीटी रोड पर दो अलग-अलग स्थानों पर शवों को रातभर वाहन रौंदते रहे। हादसा करने के बाद वाहन चालकों ने मुड़कर देखने की जरूरत तक नहीं समझी। शवों के ऊपर से रातभर वाहन गुजरते रहे। इससे शवों के अंग और मांस के लोथड़े 50 मीटर दूर तक फैल गए।

पुलिस को खुरपों से खुरच-खुरचकर शवों के हिस्सों को एकत्र करना पड़ा। ऐसे में शवों की न तो पहचान होना भी संभव है और न ही पोस्टमार्टम होना। पुलिस ने उनके डीएनए सुरक्षित कराए हैं।

सड़क पर दूर तक बिखरे पड़े थे मांस के टुकड़े

घटना एक : रसोई गांव के रहने वाले मनजीत सिंह ने कुंडली थाना पुलिस को बताया कि वह टीडीआइ सिक्योरिटी में अधिकारी हैं। वह तीन दिसंबर को नाइट ड्यूटी पर थे। उनको जीटी रोड पर टीडीआइ माल के सामने रात में तीन बजे एक शव पड़ा हुआ दिखाई दिया। उसके ऊपर से लगातार वाहन गुजर रहे थे। इससे शव का सिर और चेहरा कुचलकर सड़क पर दूर तक फैल गया था। उसके अंग और मांस के टुकड़े सड़क पर दूर तक बिखरे पड़े थे।

घटना दो : ककरोई रोड के रहने वाले रवि कुमार ने कुंडली थाना पुलिस को बताया कि वह रात में करीब नौ बजे जरूरी काम से दिल्ली को जा रहे थे। जब वह नाथुपुर फ्लाईओवर के पास देखा कि सड़क पर एक शव कुचला हुआ पड़ा है। किसी वाहन ने टक्कर मारकर उसके सड़क पर गिरा दिया। उसके बाद तेज रफ्तार वाहन लगातार उसके ऊपर से उतरते रहे।

इससे शव का चेहरा और सिर चपटा होकर सड़क पर दूर तक फैल गया। वहीं शव का मांस और अंगों के टुकड़े दूर तक फैले पड़े थे। पुलिस ने घंटों की मशक्कत के बाद शव के कुछ हिस्सों को एकत्रित किया जा सका।

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Edited By: Abhishek Tiwari

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