यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
विदेश भागने की फिराक में जैश-ए-मोहम्मद के तीन हैंडलर दबोचे, हरियाणा पुलिस ने किया गिरफ्तार
Sonipat Crime News जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली जानकारी के बाद शातिरों को जीटी रोड पर नाका लगाकर मुरथल टोल प्लाजा ...और पढ़ें

सोनीपत, जागरण संवाददाता। सोनीपत पुलिस ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन हैंडलर को गिरफ्तार किया है। इनको जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली जानकारी के बाद जीटी रोड पर नाका लगाकर मुरथल टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया गया। वह फर्जी पासपोर्ट बनवाकर विदेश भागने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट जा रहे थे। तीनों आतंकी पंजाब के रहने वाले हैं और पाकिस्तान में आतंकी आकाओं के संपर्क में थे और जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को फंडिंग करते थे।
एसपी राहुल शर्मा को जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारी से सूचना मिली थी कि आतंकियों को फंडिंग करने और पैसे की हैंडलिंग करने वाले आरोपित सोनीपत के आसपास हैं। उन्होंने तीनों के फोटो भी भेजे थे। एसपी ने इनकी गिरफ्तारी की कमान सीआइए-1 के प्रभारी इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह और सीआइए-2 के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को सौंपी। सीआइए की दोनों टीम ने शनिवार शाम को जीटी रोड पर मुरथल टोल प्लाजा पर नाका लगाकर आतंकी हैंडलर की कार को घेर लिया। कार में एक महिला और दो युवक सवार थे। इनकी पहचान पंजाब के तरनतारन के रहने वाले रवि, उसकी पत्नी वरिंदरदीप कौर और उसके साथी चंडीगढ़ के रहने वाले कणव अरोड़ा के रूप में हुई। इनके पास से फतेहाबाद से तैयार कराए गए फर्जी पासपोर्ट बरामद किए गए। इसकी सूचना जम्मू-कश्मीर पुलिस के दिल्ली मुख्यालय को दी गई। जम्मू कश्मीर पुलिस के डीएसपी संदीप भट्ट और जम्मू सीआइडी के एसपी अपनी टीम के साथ सोनीपत पहुंचे। तीनों आरोपितों को रविवार को न्यायालय में पेश किया गया। वहां से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर तीनों को जम्मू ले जाया गया है।
नवंबर से थी तलाश
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 16 नवंबर को जम्मू-कश्मीर में दो आतंकी मोहम्मद परवेज और उमर फारुख पकड़े गए थे। इनके पास से दो बैंग से 15 और 28 लाख रुपये बरामद किए गए थे। पुलिस पूछताछ में पता चला कि वे जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आशिक नैनग्रो के लिए काम करते हैं। उसको यह रुपये अमृतसर में 15 नवंबर को किसी अनजान हैंडलर ने दिए थे। पुलिस जांच में अनजान हैंडलर की पहचान रवि और उसकी पत्नी वरिंदरदीप कौर के रूप में हुई थी।
रात को भाग जाना था विदेश
रवि और उसकी पत्नी का मोबाइल स्विच आफ आ रहा था। पुलिस जांच में उसके कॉन्टैक्ट नंबरों को खंगाला गया तो एक नंबर चंडीगढ़ के कणव अरोड़ा का मिला। सर्विलांस से पता चला कि कणव जीटी रोड पर दिल्ली की ओर जा रहा है। इसके आधार पर पुलिस ने मुरथल टोल प्लाजा के पास नाका लगाकर तीनों आरोपितों को धर-दबोचा। आरोपितों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह फर्जी पासपोर्ट पर दिल्ली एयरपोर्ट पर जा रहे थे। वहां से उनको विदेश की फ्लाइट पकड़नी थी।
