सोनीपत, जागरण संवाददाता। जेईई की मुख्य परीक्षा में धांधली के आरोप में सीबीआइ ने सोमवार को सोनीपत के एक निजी इंजीनियरिंग कालेज के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो लैब तकनीशियन, एक सहायक प्रोफेसर व एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी शामिल है। सभी को सीबीआइ अपने साथ दिल्ली ले गई है। हाल ही में हुए जेईई की मुख्य परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली व अनियमितता बरतने की शिकायत पर सीबीआइ ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। तीन सितंबर को सीबीआइ में इस मामले में दिल्ली-एनसीआर सहित देशभर में 19 स्थानों पर छापेमारी की थी। इनमें सोनीपत के भी निजी इंजीनियरिंग कालेज शामिल थे, जहां जेईई की मुख्य परीक्षा के केंद्र थे।

सीबीआइ के प्रवक्ता के अनुसार इस मामले में सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। सीबीआइ ने जारी विज्ञप्ति में बताया था कि एनआइटी के शीर्ष संस्थानों में नामांकन के लिए यह गिरोह 12 से 15 लाख रुपये लेता था। बताया गया कि नोएडा स्थित एफिनिटी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों ने जेईई मेन्स में बेहतर रैंकिंग दिलाने का पूरा खेल खेला। इसके एजेंट कई राज्यों में फैले थे।

ये एजेंट जेईई मेन में कम रैंकिंग वाले छात्रों से संपर्क कर उन्हें बेहतर रैंकिंग और शीर्ष एनआइटी संस्थान में नामांकन का भरोसा दिलाते थे। इसके एवज में 12 से 15 लाख रुपये की मांग करते थे। परीक्षा में धांधली के लिए एफिनिटी एजुकेशन के निदेशकों ने हरियाणा के सोनीपत के परीक्षा केंद्र में कुछ कर्मचारियों से साठगांठ कर ली थी। छात्रों को इसी परीक्षा केंद्र को चुनने के लिए कहा जाता था।

सीबीआइ प्रवक्ता के अनुसार अब साेनीपत के इसी इंजीनियरिंग कालेज के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो लैब तकनीशियन कुलदीप गर्ग व अरविंद सैनी, सहायक प्रोफेसर संदीप गुप्ता व चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी तुलसी राम शामिल हैं। फिलहाल सभी से पूछताछ की जा रही है।

Edited By: Mangal Yadav