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महर्षि दयानंद ने 'स्वराज्य' शब्द से समझाया आजादी का महत्व: सतीश कुमार

Published: Tue, 06 Oct 2026 05:24 PM (GMT+05:30)

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सांख्यिकीय अधिकारी सतीश कुमार ढोचक ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम और समाज सुधार में महर्षि ...और पढ़ें

महर्षि दयानंद ने 'स्वराज्य' शब्द से समझाया आजादी का महत्व: सतीश कुमार  ( एआई जेनरेटेड इमेज )

महर्षि दयानंद ने 'स्वराज्य' शब्द से समझाया आजादी का महत्व: सतीश कुमार ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. महर्षि दयानंद ने 'स्वराज्य' शब्द से आजादी का महत्व बताया।

  2. स्वतंत्रता आंदोलन में 80% से अधिक लोग दयानंद से प्रभावित थे।

  3. वेदों के अनुसार जन्म से नहीं, कर्म से होती है जाति।

जागरण संवाददाता, सोनीपत। स्वतंत्रता संग्राम और समाज सुधार में महर्षि दयानंद सरस्वती और आर्य समाज के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। परतंत्र भारत के लोगों को पहली बार महर्षि दयानंद ने ‘स्वराज्य’ शब्द से अवगत कराकर आजादी का असली महत्व समझाया था।

ये विचार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सांख्यिकीय अधिकारी सतीश कुमार ढोचक ने व्यक्त किए। वे काठ मंडी स्थित आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित ऋग्वेद पारायण महायज्ञ को संबोधित कर रहे थे।

सतीश कुमार ने महायज्ञ का शुभारंभ किया

सतीश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर महायज्ञ का शुभारंभ किया और कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाले 80 प्रतिशत से अधिक लोग महर्षि दयानंद की क्रांतिकारी विचारधारा से प्रभावित थे। महायज्ञ के ब्रह्मा आचार्य राजकुमार शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि वेदों के अनुसार जन्म से कोई जाति नहीं होती, सभी की जाति केवल मनुष्य है।

कर्म के आधार पर ही व्यक्ति की पहचान और बंटवारा होता है। मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार ही फल मिलता है, जिसमें कोई गुरु या आश्रम हस्तक्षेप नहीं कर सकता।

ये लोग हुए कार्यक्रम में शामिल

कार्यक्रम के दौरान कुलदीप राठी-ललिता, ओमप्रकाश-सुमित्रा, प्रयाग-दीपिका और राजेंद्र पहल-बाला ने मुख्य यजमान के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान धर्मप्रकाश, मंत्री कपिल देव, कोषाध्यक्ष अरुण कुमार, प्राचार्य नरेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।