IMT खरखौदा के लिए जमीन देने वाले किसानों को नहीं मिले प्लॉट, HSIIDC कार्यालय पर प्रदर्शन
खरखौदा में IMT के लिए जमीन देने वाले किसान आरएंडआर पॉकेट में प्लॉट न मिलने से आक्रोशित हैं। उन्होंने एचएसआइआइडीसी ...और पढ़ें
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आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। जागरण
HighLights
किसानों को आईएमटी खरखौदा के लिए दिए प्लॉट नहीं मिले।
13 साल बाद भी आरएंडआर पॉकेट में प्लॉट का इंतजार जारी।
एचएसआइआइडीसी कार्यालय पर किसानों ने जोरदार धरना दिया।
संवाद सहयोगी, खरखौदा (सोनीपत)। सोनीपत में आईएमटी खरखौदा के लिए जमीन देने वाले किसानों को अब तक आरएंडआर (रिसेटलमेंट एंड रिहैबिलिटेशन) पॉकेट में प्लॉट की पोजिशन नहीं मिलने से रोष बढ़ता जा रहा है।
किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के समय उन्हें मुआवजे के साथ रिहायशी और व्यावसायिक प्लॉट लेने का विकल्प दिया गया था। इसके तहत किसानों ने वर्ष 2013 में प्लॉट के लिए आवेदन किए थे, लेकिन करीब 13 वर्ष बीतने के बाद भी उन्हें प्लॉट नहीं मिल पाए हैं।
किसानों के अनुसार, आईएमटी के लिए करीब 10 गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई है। आरएंडआर योजना के तहत आईएमटी में करीब 7 एकड़ में पॉकेट भी रखा गया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने प्लॉट आवंटन और पोजिशन के लिए स्थानीय अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री स्तर तक गुहार लगाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
आईएमटी में हो रही बोली से बढ़ी चिंता
किसानों का कहना है कि एक तरफ उन्हें वर्षों से अपने हक के प्लॉट नहीं मिल रहे, वहीं दूसरी तरफ आईएमटी क्षेत्र में एचएसआइआइडीसी की ओर से लगातार प्लॉटों की बोली की जा रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ रही है।
उनका कहना है कि यदि आरएंडआर पॉकेट के प्लॉट भी इसी तरह बेचे जाते रहे तो उनके लिए कुछ नहीं बचेगा। किसानों ने मांग की कि पहले जमीन देने वाले किसानों को उनके हक के प्लॉट उपलब्ध कराए जाएं।
बैठक के बाद कार्यालय पर दिया धरना
इसी मुद्दे को लेकर राणा खाप प्रधान की अगुवाई में रामपुर-कुंडल में किसानों की बैठक हुई। बैठक में प्लॉट आवंटन में हो रही देरी और आरएंडआर पाकेट की स्थिति को लेकर चर्चा की गई। किसानों ने बैठक के बाद आगामी कार्रवाई पर निर्णय लेते हुए सैदपुर चौक स्थित एचएसआइआइडीसी के स्थानीय कार्यालय पर पहुंचकर धरना दिया।
किसानों ने कहा कि वे लंबे समय से अपने प्लॉटों की पोजिशन मिलने का इंतजार कर रहे हैं। विकास परियोजना के लिए किसानों ने अपनी जमीन दी थी, ऐसे में उन्हें अब उनके हिस्से के प्लाट उपलब्ध करवाए जाने चाहिए। किसानों ने चेतावनी दी कि मांग का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
