संवाद सहयोगी, खरखौदा : शहर की मुख्य सड़कों व गलियों में खस्ता हाल पड़ी सीवर की लाइन से आए दिन रिसाव होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। कहीं पर पाइपलाइन लीक होने से परेशानी होती है तो कहीं पर मैनहोल खस्ता हालत में होने से दिक्कत है लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से पुख्ता स्तर पर इस तरफ काम नहीं किया जा रहा है। शहर के वार्ड 15 और 12 के चौराहे पर भी कुछ ऐसा ही हाल है। कहने को जनस्वास्थ्य विभाग ना जाने कितनी ही बात मैनहोल के टूटे ढक्कन को बदल चुका है लेकिन ढक्कनों की गुणवत्ता में सुधार नहीं किए जाने और ढक्कनों को विधिवत तरीके से मैनहोल पर ना रखे जाने के कारण समस्याओं का हल नहीं हो रहा है। दो-चार दिन के बाद फिर से पहले जैसी परिस्थिति बन जाने से ना केवल लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है बल्कि राहगीरों को भी दिक्कतों का सामान करना पड़ता है। वार्ड वासी बंटी, मनोज, सतपाल, योगेश, पवन और राजकुमार का कहना है कि सीवर का मैनहोल जिसका ढक्कन धंसा हुआ है वह गली के मोड़ पर है, इससे चार से पांच फीट दूरी पर जनस्वास्थ्य विभाग की ही पानी की पाइप लाइन की वाल्व लगी हुई है, एक गड्ढों उसका भी बना हुआ है। ऐसे में दोनों गड्ढों के कारण ना केवल चौक से आवाजाही करने में राहगीरों को परेशानी हो रही है बल्कि लोग भी परेशान हैं। इतना ही नहीं सीवर के मैनहोल से निकलने वाला बदबूदार पानी भी आसपास के घरों के लिए समस्या बना हुआ है लेकिन इस और जन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है।

शहर में जहां पर भी इस प्रकार की समस्याएं हैं उन्हें चिन्हित करवाया जा रहा है ताकि उन्हें एकसाथ ठीक करवाया जा सके। इस प्वाइंट पर भी काम करवाया जाएगा, जिससे की लोगों को परेशानी से निजात मिल सके।

-बसंत, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, खरखौदा

मुरथल रोड पर सड़क के बीच उभरे सीवर बने हादसों का सबब

जासं, सोनीपत : मुरथल रोड पर सड़क के बीच में उभरे हुए सीवर के मैनहोल वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। एक महीने से सड़क बीच में उभरे सीवर के मैनहोल पर ध्यान नहीं दिया है। इससे बाइक और स्कूटी सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जबकि भारी वाहन इनके ऊपर से गुजर जाते हैं। भारी वाहनों के वजन और तेज रफ्तारी से ये मैनहोल टूट रहे हैं। अग्रसेन चौक से मुरथल की ओर चलते ही दस कदम पर सीवर का मैनहोल बिल्कुल टूट चुका है। इसके अलावा कई मैनहोल पर ढक्कनों को आड़े-तिरछे तरीके से रखा गया है ताकि यह वाहन चालकों को दिखाई दे सके। बार-बार लोगों की शिकायतों के बावजूद यह मैनहोल ठीक नहीं किए जा रहे।

Edited By: Jagran