IMT को बड़ी सौगात: 103 करोड़ की लागत से बन रहा 57 MLD वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, जल्द शुरू होगी जलापूर्ति
सोनीपत के आईएमटी खरखौदा में 103 करोड़ रुपये की लागत से 57 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
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आईएमटी में 103 करोड़ से बनकर तैयार हो रहा 57 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट। जागरण
हरीश भौरिया, खरखौदा (सोनीपत)। इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) खरखौदा के बढ़ते औद्योगिक विस्तार को देखते हुए पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को भी बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है।
आईएमटी में 57 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। करीब 103 करोड़ रुपये की पूरी योजना पर खर्च होंगे। इसमें लगभग 84 करोड़ रुपये वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे, जबकि शेष सवा 19 करोड़ राशि से अगले दस वर्ष तक आईएमटी में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को मजबूत रखा जाएगा।
पश्चिमी यमुना लिंक नहर से आएगा पानी
अब आईएमटी को कच्चा पानी गुरुग्राम माइनर के बजाय पश्चिमी यमुना लिंक नहर से उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए करीब 27 क्यूसिक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। नहर से आईएमटी तक पानी पहुंचाने के लिए केएमपी एक्सप्रेसवे के समानांतर पाइप लाइन बिछाई जाएगी।
आईएमटी पहुंचने के बाद कच्चे पानी को प्रस्तावित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शोधित कर औद्योगिक क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए भेजा जाएगा। मौजूदा जरूरत के साथ भविष्य में आईएमटी के विस्तार और नई औद्योगिक इकाइयों के आने की संभावनाओं को ध्यान में रखकर परियोजना तैयार की गई है। इससे आने वाले वर्षों में पानी की मांग बढ़ने पर भी आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा।
10 साल की जरूरत को ध्यान में रखी व्यवस्था
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 57 एमएलडी रखी गई है। परियोजना में ट्रीटमेंट यूनिट के साथ पानी के भंडारण और आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी। एचएसआइआइडीसी का उद्देश्य आईएमटी में स्थापित और प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों को नियमित रूप से स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना है।
इसके साथ ही अगले 10 साल की जरूरत को ध्यान में रखकर पानी की आपूर्ति और संचालन व्यवस्था की योजना बनाई गई है। जिसके लिए बजट पहले से ही निर्धारित है।
आईएमटी में मारुति सहित कई बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं के आने और विस्तार की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में पेयजल की भविष्य की मांग को देखते हुए इस परियोजना को अहम माना जा रहा है। परियोजना पर करीब 103 करोड़ रुपये खर्च होने हैं और इसके तहत आईएमटी की वर्तमान तथा आगामी जरूरतों को ध्यान में रखकर स्थायी पेयजल व्यवस्था विकसित की जा रही है। - कुलबीर मलिक, वरिष्ठ प्रबंधक, आईएमटी खरखौदा
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