जागरण संवाददाता, गोहाना:गांव बरोदा ठुठान स्थित राजकीय उच्च विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने आपसी सहयोग व श्रमदान से अपने विद्यालय की सूरत बदल डाली। विद्यालय के प्रांगण के जिस बड़े हिस्से में पहले जहां धूल उड़ती थी, अब वहां हरा-भरा पार्क तैयार हो चुका है। घास के अलावा फूलों के कई तरह पौधे पार्क की शोभा बढ़ा रहे हैं। पार्क तैयार करवाने में मुख्य सूत्रधार गेस्ट टीचर सुशील शर्मा रहे।

गांव बरोदा ठुठान के राजकीय उच्च विद्यालय के मुख्य परिसर में करीब दस माह पहले तक हरियाली के नाम पर केवल चार-पांच पेड़ थे। परिसर कच्चा था और यहां पूरा दिन धूल उड़ती रहती थी। यह हाल विद्यालय के खेल मैदान का था। पर्यावरण संरक्षण को सर्वाेपरि समझने वाले गेस्ट टीचर सुशील शर्मा दस माह पहले गांव भैंसवाल कलां स्थित सरकारी स्कूल से बदल कर यहां आए तो वह स्कूल परिसर व मैदान की खस्ताहाल देख कर हैरान रह गए। शर्मा ने विद्यालय को परिसर को हराभरा बनाने का संकल्प लिया। घंटी लेने के बाद जितना भी समय बचता वह स्कूल के मुख्य परिसर व मैदान में पसीना बहाने लगे। दोनों जगह को समतल किया और इसके बाद यहां घास लगानी शुरू की। उनके प्रयास को देखते हुए पीटीआइ सतबीर ¨सह आगे आए। धीरे-धीरे दूसरे शिक्षक व विद्यार्थियों में भी प्रेरणा जगी। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने श्रमदान व आपसी सहयोग से पहले मुख्य परिसर को सुधारा और उसके बाद खेल परिसर को।

विद्यालय में व्यर्थ पड़ी कुछ ईंटों का व्यवस्थित ढंग से लगा कर उनमें सजा के पौधे लगाए गए। धीरे-धीरे घास लगा मुख्य परिसर व खेल मैदान हरा-भरा बना दिया गया। अब इस विद्यालय की सूरत ही बदल गई है। सुशील शर्मा ने कहा कि विद्यालय की मुख्य अध्यापिका कुसुमलता ने इस अभियान में पूरा साथ दिया तो शिक्षकों व विद्यार्थियों का सहयोग मिला। सुशील शर्मा व पीटीआइ सतबीर ¨सह खाली घंटी में पार्क सुधार में लग जाते हैं। पौधों व पार्क में ¨सचाई के लिए सबमर्सिबल की व्यवस्था की गई है। सुशील शर्मा जब गांव भैंसवाल कलां स्थित सरकारी स्कूल में नियुक्त थे, तब वहां भी इसी तरह से सुधार करके दिखाया था।

Posted By: Jagran

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