गोहाना-जुलाना मार्ग के निर्माण से बदला बसों का रूट, बरोदा और खानपुर खुर्द के यात्रियों की बढ़ी परेशानी
गोहाना-जुलाना मार्ग के पुनर्निर्माण के कारण बसों का रूट बदल दिया गया है, जिससे खानपुर खुर्द और बरोदा गांवों के यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
गोहाना-जुलाना मार्ग के पुनर्निर्माण के कारण बसों का रूट बदला गया।
खानपुर खुर्द और बरोदा गांवों के यात्रियों को आवागमन में परेशानी।
यात्रियों को अब निजी वाहनों या लंबी दूरी का सहारा लेना पड़ रहा।
जागरण संवाददाता, गोहाना। जुलाना-गोहाना मार्ग के पुनर्निर्माण के लिए रोड उखाड़े जाने के बाद रोडवेज विभाग ने बसों का रूट बदल दिया है। इससे गांव खानपुर खुर्द और बरोदा के यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
पहले गोहाना से चलने वाली बसें खानपुर खुर्द, बरोदा, बनवासा और रिंढाणा से होकर जुलाना की तरफ जाती थीं। अब बसें गोहाना से महम रोड होते हुए आहुलाना, भंडेरी और कथूरा होकर बनवासा पहुंचकर जुलाना जाएंगी।
इससे बीच में आने वाले गांव खानपुर खुर्द और बरोदा के यात्रियों के लिए सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। रोडवेज विभाग के अधिकारी दोनों गांवों के विद्यार्थियों के लिए दिन में बस से दो चक्कर जरूर लगवाएंगे।
21 किमी की सड़क का कराया जा रहा पुनर्निर्माण
लोक निर्माण विभाग द्वारा गोहाना-जुलाना मार्ग का करीब 21 किलोमीटर लंबाई में पुनर्निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य के चलते मार्ग के कुछ हिस्से को उखाड़ दिया गया है।
गांव बरोदा में आबादी क्षेत्र में आधे हिस्से में कंक्रीट का स्लैब डाल दिया गया है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा और बसों के संचालन को देखते हुए रोडवेज ने रूट में बदलाव किया है। रूट बदलने से खानपुर खुर्द और बरोदा गांव के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खासकर नौकरी और रोजमर्रा के काम के लिए गोहाना आने-जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। अब यात्रियों को निजी वाहनों पर आश्रित होना पड़ रहा है।
पहले गांव से ही गोहाना और जुलाना जाने के लिए बस मिल जाती थी। अब रूट बदलने से जुलाना जाने के लिए बस पकड़ने के लिए लगभग तीन किलोमीटर दूर गांव बनवासा जाना पड़ता है। गोहाना जाने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
-विक्की मोर, गांव बरोदा
गांव के काफी लोग रोजाना गोहाना आते-जाते हैं। बसों का रूट बदलने से सबसे गोहाना से गांव वापस आने के लिए बसें नहीं मिलती हैं। निर्माण कार्य जल्द पूरा होना चाहिए ताकि पुराना रूट बहाल हो सके।
-राजेश सोनी, गांव बरोदा
गांव बरोदा में आधे हिस्से में कंक्रीट की लेयर बिछाई गई है। आधा हिस्सा अब काफी नीचा है और लोहे की सरिये निकले हुए हैं। रास्ता नहीं बचने से रूट में बदलाव किया गया। विद्यार्थियों के लिए सुबह साढ़े आठ बजे गांव बरोदा से गोहाना और दोपहर में पौने दो बजे गोहाना से बरोदा तक बस चलाई जा रही है।
-सतीश कुमार, डीआइ, बस स्टैंड गोहाना
